- अल्ट्रा-नेशनलिस्ट ताकतों पर साधा निशाना
- रूसी हस्तक्षेप और दुष्प्रचार पर चिंता
- लोकतंत्र और यूरोपीय एकता बचाने की अपील
स्ट्रासबर्ग में यूरोपीय संसद को संबोधित करते हुए यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने यूरोप से विभाजनकारी ताकतों के खिलाफ एकजुट होकर ‘जवाबी लड़ाई’ लड़ने का आह्वान किया। 2026 के स्टेट ऑफ द यूनियन संबोधन में उन्होंने अल्ट्रा-नेशनलिस्ट, यूरोप-विरोधी ताकतों, रूसी हस्तक्षेप और दुष्प्रचार को यूरोपीय एकता के लिए चुनौती बताया।
वॉन डेर लेयेन ने कहा कि युद्ध, वैश्विक प्रतिस्पर्धा और नई तकनीकों से जुड़ी चिंताओं का इस्तेमाल यूरोपीय देशों के बीच दरार पैदा करने के लिए किया जा रहा है। उनके अनुसार, ऐसी ‘नैरेटिव की लड़ाई’ यूरोप में भरोसे को कमजोर कर लोकतांत्रिक व्यवस्था को प्रभावित कर सकती है। उन्होंने यूरोपीय देशों से अपने मूल्यों और साझा भविष्य के लिए साथ खड़े होने की अपील की।
रक्षा के मुद्दे पर उन्होंने बताया कि पिछले पांच वर्षों में यूरोप का रक्षा खर्च 80 प्रतिशत बढ़ा है। उन्होंने यूक्रेन के समर्थन, ग्रीनलैंड से जुड़े सुरक्षा मुद्दों और ड्रोन, हाइब्रिड हमलों तथा दुष्प्रचार जैसी चुनौतियों का भी उल्लेख किया।
उनकी टिप्पणी जर्मनी के सैक्सोनी-आनहाल्ट राज्य चुनाव में Alternative for Germany (AfD) के मजबूत प्रदर्शन के बाद आई। इससे पहले रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूरोप में हो रहे राजनीतिक बदलावों को पश्चिम की राजनीति, सुरक्षा और अर्थव्यवस्था से जुड़ी ‘व्यवस्थित गलतियों’ का परिणाम बताया था।


