- NEP 2020 के समग्र मॉडल की तारीफ
- अक्षर फाउंडेशन के मॉडल को बताया नवाचार
- शिक्षा में कौशल और स्थिरता पर जोर
ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की छात्रा सोफिया हॉवर्ड ने भारत की शिक्षा व्यवस्था और राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 की सराहना की है। जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHRC) के 63वें सत्र से इतर उन्होंने कहा कि NEP 2020 में समग्र शिक्षा और संतुलित पाठ्यक्रम पर दिया गया जोर युवाओं के सामने मौजूद कई चुनौतियों को दूर करने में मदद कर सकता है।
हॉवर्ड के मुताबिक, पढ़ाई को व्यावहारिक कौशल, विद्यार्थियों के कल्याण, सतत विकास और सामुदायिक भागीदारी से जोड़ने से छात्रों को व्यापक अनुभव मिल सकता है। उन्होंने अक्षर फाउंडेशन के शिक्षा मॉडल का भी उल्लेख किया, जहां टिकाऊ तरीकों के साथ व्यावसायिक और करियर कौशल पर ध्यान दिया जाता है।
भारत में छह सप्ताह की इंटर्नशिप के दौरान हॉवर्ड ने दो सरकारी स्कूलों का दौरा कर अक्षर फाउंडेशन के मॉडल को करीब से देखा। उन्होंने इसे भारत की शिक्षा व्यवस्था की चुनौतियों से निपटने वाला रचनात्मक और नवाचारपूर्ण प्रयास बताया। उनके अनुसार, शिक्षा में केवल परीक्षा और अकादमिक प्रदर्शन पर ध्यान देने के बजाय व्यावहारिक कौशल, स्थिरता, कल्याण और सामुदायिक भागीदारी को भी शामिल करना महत्वपूर्ण है।


