- परमाणु हथियारों की संख्या बढ़ने का अनुमान
- नए मिसाइल सिस्टम पर भी जारी काम
- भारत की नीति ‘विश्वसनीय न्यूनतम प्रतिरोध’
वॉशिंगटन। फेडरेशन ऑफ अमेरिकन साइंटिस्ट्स (FAS) की एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत के परमाणु हथियारों के जखीरे में करीब 190 परमाणु वॉरहेड हो सकते हैं। इनमें नए विकसित किए जा रहे मिसाइल सिस्टम के लिए लगभग 30 अतिरिक्त वॉरहेड भी शामिल बताए गए हैं। यह अनुमान सार्वजनिक सरकारी आंकड़ों, उपलब्ध सूचनाओं और व्यावसायिक सैटेलाइट तस्वीरों के विश्लेषण पर आधारित है।
रिपोर्ट के अनुसार भारत के पास 160 से अधिक वॉरहेड ऐसे हैं, जो मौजूदा ऑपरेशनल लॉन्च सिस्टम के लिए हैं। इसके अलावा नए मिसाइल और परमाणु-सक्षम सिस्टम विकसित किए जा रहे हैं, जो मौजूदा हवाई, जमीन आधारित और समुद्री प्रणालियों को मजबूत या उनका स्थान ले सकते हैं।
FAS का अनुमान है कि भारत ने करीब 730 किलोग्राम हथियार-ग्रेड प्लूटोनियम तैयार किया हो सकता है। लगभग चार किलोग्राम प्लूटोनियम प्रति वॉरहेड के हिसाब से यह मात्रा सैद्धांतिक रूप से 140 से 225 वॉरहेड बनाने के लिए पर्याप्त हो सकती है। हालांकि, रिपोर्ट ने स्पष्ट किया कि हथियारों के डिजाइन और उपलब्ध प्लूटोनियम के वास्तविक इस्तेमाल को लेकर कई अनिश्चितताएं हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत लगातार अपने परमाणु हथियार कार्यक्रम का आधुनिकीकरण कर रहा है। नए हथियार सिस्टम विकसित होने के साथ आने वाले वर्षों में परमाणु वॉरहेड की संख्या बढ़ सकती है। हालांकि, वास्तविक संख्या इस बात पर भी निर्भर करेगी कि कितने लॉन्चर परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम हैं।
भारत सरकार ने हाल में संसद में दोहराया है कि देश विश्वसनीय न्यूनतम प्रतिरोध बनाए रखने और परमाणु हथियारों के पहले इस्तेमाल नहीं करने (No First Use) की नीति के प्रति प्रतिबद्ध है।


