- गधों ने रेगिस्तान में पानी तलाशा
- बीज फैलाकर हरियाली बढ़ाने में मदद
- 28 से सैकड़ों की आबादी तक पहुंचे
इजरायल के नेगेव रेगिस्तान में जंगली गधों को फिर से बसाने का प्रयोग पर्यावरण संरक्षण की अनोखी मिसाल बन गया है। वर्ष 1982 में रेमन क्रेटर क्षेत्र में 28 जंगली गधों को छोड़ा गया था। दशकों बाद इनकी आबादी बढ़कर सैकड़ों तक पहुंच गई है और इनके प्राकृतिक व्यवहार ने रेगिस्तानी पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
ये गधे अपने मजबूत खुरों से जमीन खोदकर पानी तक पहुंचते हैं। उनके बनाए गड्ढों में जमा पानी का उपयोग अन्य वन्यजीव भी कर सकते हैं। वहीं, वनस्पतियों के बीज उनके गोबर के जरिए दूर-दूर तक फैलते हैं, जिससे प्राकृतिक पुनरुत्पादन में मदद मिलती है। वैज्ञानिकों के संरक्षण प्रयासों के साथ इन गधों ने कठोर रेगिस्तानी पर्यावरण में जैव विविधता को बढ़ावा देने में योगदान दिया है। यह प्रयोग बताता है कि प्रकृति में किसी प्रजाति की भूमिका केवल उसके प्रत्यक्ष उपयोग तक सीमित नहीं होती।


