- पेरिम द्वीप और तटीय इलाकों पर बढ़ी पकड़
- अरामको की पाइपलाइन क्षतिग्रस्त, आपूर्ति प्रभावित
- सऊदी अरब ने अमेरिका से मांगी सैन्य मदद
रियाद। मध्य-पूर्व में जारी तनाव के बीच यमन के हूती विद्रोहियों की लाल सागर क्षेत्र में बढ़ती सक्रियता ने सऊदी अरब और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति की चिंता बढ़ा दी है। हूतियों ने बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य के पास रणनीतिक इलाकों पर कब्जे का दावा किया है। इनमें पेरिम द्वीप, धुबाब और तटीय शहर मोचा शामिल हैं।
हूतियों की कार्रवाई के दौरान सऊदी अरब की 1200 किलोमीटर लंबी पूर्व-पश्चिम तेल पाइपलाइन को नुकसान पहुंचने की खबर है। इसके बाद पाइपलाइन से तेल की आपूर्ति अस्थायी रूप से रोक दी गई। यह पाइपलाइन सऊदी अरब के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य का महत्वपूर्ण वैकल्पिक मार्ग मानी जाती है।
सऊदी अरब ने हूतियों के खिलाफ अमेरिका से समर्थन मांगा है। सूत्रों के मुताबिक, क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से फोन पर बातचीत कर सैन्य सहायता की मांग की। हालांकि, अमेरिका ने फिलहाल सीधे सैन्य अभियान में शामिल होने के बजाय खुफिया जानकारी और लक्ष्य निर्धारण में सहायता की पेशकश की है।
इस बीच, हूतियों की बढ़त को ईरान के बढ़ते प्रभाव से भी जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि ईरान सार्वजनिक रूप से हूतियों का समर्थन करता है, लेकिन उनके सैन्य अभियानों को निर्देशित करने से इनकार करता है।
यमन की सरकारी सेनाओं ने हूतियों के कब्जे वाले लाल सागर तटीय इलाकों को वापस लेने के लिए जवाबी कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। बाब-अल-मंदेब दुनिया के प्रमुख समुद्री मार्गों में शामिल है। यहां बढ़ता तनाव वैश्विक शिपिंग और तेल आपूर्ति पर दबाव बढ़ा सकता है।


