- पांच साल तक हेलमेट रहा सुरक्षित
- सोशल एक्सपेरिमेंट ने छेड़ी बहस
- कुछ लोगों ने अनुभव पर उठाए सवाल
भारतएग्री के संस्थापक और CEO सिद्धार्थ डायलानी और उनकी पत्नी ने बेंगलुरु में लोगों के भरोसे को परखने के लिए एक अनोखा सोशल एक्सपेरिमेंट किया। दंपति ने करीब पांच साल तक दोपहिया वाहन पार्क करते समय अपने हेलमेट को लॉक नहीं किया।
सिद्धार्थ डायलानी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बताया कि वे हेलमेट को वाहन की सीट या साइड मिरर पर छोड़ देते थे। पांच साल तक ऐसा करने के बावजूद उनका एक भी हेलमेट चोरी नहीं हुआ। उन्होंने इसे शहर में लोगों के बीच भरोसे और ईमानदारी का संकेत बताया।
हालांकि, इस दावे पर सोशल मीडिया यूजर्स की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कुछ लोगों ने बेंगलुरु को भरोसेमंद शहर बताते हुए कहा कि यहां अजनबियों के बीच मदद और ईमानदारी आम है। वहीं, कुछ यूजर्स ने कहा कि हेलमेट की कीमत इतनी अधिक नहीं होती कि लोग उसे चोरी करना जरूरी समझें। कई लोगों ने यह भी बताया कि उनके हेलमेट बेंगलुरु में चोरी हो चुके हैं।
डायलानी ने आय में असमानता को चोरी न करने की वजह मानने से असहमति जताई। उनके मुताबिक, शहर में आर्थिक अंतर होने के बावजूद लोगों में आत्मसम्मान और दूसरों की चीज न चुराने की भावना हो सकती है।


