- सऊदी दावे को हूतियों ने किया खारिज
- मक्का को निशाना बनाने से किया इनकार
- यमन में सैकड़ों हवाई हमलों का लगाया आरोप
यमन के हूती आंदोलन ने सऊदी अरब के उस दावे को खारिज कर दिया है, जिसमें कहा गया था कि हूतियों ने पवित्र शहर मक्का की ओर ड्रोन भेजा था। हूती सैन्य प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल याह्या सरी ने इस आरोप को “मनगढ़ंत और झूठ” बताते हुए कहा कि उनके अभियान सऊदी सैन्य ठिकानों और तेल प्रतिष्ठानों को निशाना बनाते हैं, जो पवित्र स्थलों से दूर हैं।
यह बयान सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के उस दावे के बाद आया, जिसमें कहा गया था कि मंगलवार शाम मक्का के दक्षिण में एक ड्रोन को हवाई सुरक्षा बलों ने मार गिराया, इससे पहले कि वह पवित्र शहर के प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र में प्रवेश करता। गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मलिकी ने इसे “शत्रुतापूर्ण और आतंकवादी कृत्य” बताया और दो पवित्र मस्जिदों तथा जायरीनों की सुरक्षा को ‘रेड लाइन’ कहा।
वहीं, याह्या सरी ने दावा किया कि पिछले एक सप्ताह में सऊदी विमानों ने यमन के कई प्रांतों में 450 से अधिक हवाई हमले किए। उन्होंने यह भी दावा किया कि हूती बलों ने मारिब के ऊपर एक सऊदी F-15 लड़ाकू विमान को स्थानीय रूप से निर्मित सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल से गिराया। सऊदी पक्ष की ओर से इन हूती दावों की स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट में उपलब्ध नहीं है।
यह घटनाक्रम सऊदी समर्थित यमनी बलों और हूतियों के बीच बढ़ते तनाव के बीच सामने आया है। लाल सागर और बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य के आसपास हूतियों की गतिविधियों तथा क्षेत्र में जारी सैन्य कार्रवाई ने समुद्री सुरक्षा और व्यापक पश्चिम एशिया संकट को लेकर चिंताएं बढ़ाई हैं।


