- हाई-प्रोफाइल मामलों पर ED की नजर
- 6-8 महीने में ट्रायल पूरा कराने की तैयारी
- 2027 से ED का ढांचा होगा मजबूत
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामलों की जांच और अभियोजन प्रक्रिया तेज करने की तैयारी की है। बेंगलुरु में 14-15 सितंबर को हुई ED की 36वीं जोनल अधिकारियों की बैठक में हर जोन से कम से कम 10 हाई-प्रोफाइल मामलों की पहचान करने और उनमें 6-8 महीने के भीतर ट्रायल व दोषसिद्धि की दिशा में काम करने को कहा गया।
ED ने जांच पूरी करने में लगने वाले मौजूदा 4-5 साल के समय को घटाकर करीब 18 महीने करने का लक्ष्य भी रखा है। छह महीने से अधिक समय से संज्ञान के लिए लंबित मामलों की मासिक समीक्षा और 10 साल पुराने मामलों की विशेष निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। संवेदनशील मामलों की गोपनीय जानकारी लीक होने के जोखिम को देखते हुए AI टूल्स के इस्तेमाल को लेकर भी अधिकारियों को सावधानी बरतने को कहा गया है।
एजेंसी के संगठनात्मक विस्तार की योजना भी बनाई गई है। स्वीकृत पदों की संख्या 2,029 से बढ़ाकर 3,256 की जाएगी और यह नया ढांचा 1 जनवरी 2027 से लागू होने की योजना है। इसके साथ PMLA जोन की संख्या 50 और FEMA के लिए समर्पित जोन 5 करने तथा कार्यात्मक इकाइयों की संख्या 131 से बढ़ाकर 241 करने का फैसला बताया गया है।


