इजरायल की अधिकतम सुरक्षा वाली जेलों के आसपास कैदियों को भागने से रोकने के लिए गहरी खाइयों में मगरमच्छ रखने का प्रस्ताव चर्चा में है। इस योजना का प्रस्ताव दिसंबर 2025 में राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन-ग्विर ने दिया था। इसे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से जुड़े ‘एलिगेटर अल्काट्राज’ विचार से प्रेरित बताया गया है।
- जेलों के बाहर मगरमच्छों की खाई
- पर्यावरण संगठनों ने योजना पर जताया विरोध
- संरक्षण दर्जा बदलने से बढ़ी बहस
प्रस्ताव में जेल की संवेदनशील सुरक्षा दीवारों के बाहर मगरमच्छों वाली खाइयां बनाने की बात कही गई है। हालांकि, पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण संगठनों ने इस योजना पर गंभीर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि मगरमच्छों को इस तरह रखना वन्यजीव संरक्षण और पशु प्रबंधन से जुड़े कई सवाल खड़े करता है।
इजरायल में नील नदी के मगरमच्छ अब जंगलों में नहीं पाए जाते। वहां इन्हें संरक्षण केंद्रों और मगरमच्छ फार्मों में इंसानी देखरेख में रखा जाता है। जुलाई 2026 में इनके संरक्षण दर्जे में बदलाव के बाद इन्हें ‘खेती वाले जंगली जानवर’ की श्रेणी में रखा गया, जिससे जेल सेवा के नियंत्रण में रखने का रास्ता खुला है। हालांकि, योजना को लेकर पर्यावरणीय बहस अभी जारी है।


