- देशनोक का अनोखा करणी माता मंदिर
- काबा कहलाते हैं मंदिर के पवित्र चूहे
- सफेद चूहे के दर्शन माने शुभ
बीकानेर। राजस्थान के बीकानेर जिले के देशनोक कस्बे में स्थित करणी माता मंदिर अपनी अनोखी धार्मिक मान्यताओं के लिए देश-दुनिया में प्रसिद्ध है। मंदिर में बड़ी संख्या में चूहे रहते हैं, जिन्हें स्थानीय भाषा में ‘काबा’ कहा जाता है। धार्मिक मान्यता है कि ये करणी माता के भक्तों और परिवार से जुड़े लोगों के पुनर्जन्म का स्वरूप हैं। इसलिए श्रद्धालु इन्हें पवित्र मानते हैं और भोजन कराते हैं।
मान्यता के अनुसार करणी माता का जन्म 14वीं शताब्दी में एक चारण परिवार में हुआ था। उनका जीवन जनसेवा, भक्ति और लोककल्याण से जुड़ा रहा। बीकानेर और जोधपुर रियासतों के इतिहास में भी करणी माता के आशीर्वाद को महत्वपूर्ण माना जाता है।
देशनोक स्थित मंदिर का वर्तमान स्वरूप बीकानेर रियासत के शासकों के समय विकसित हुआ। मंदिर में चांदी के दरवाजे, संगमरमर की नक्काशी और राजस्थानी स्थापत्य की सुंदर झलक देखने को मिलती है। मान्यता है कि मंदिर में सफेद चूहे के दर्शन विशेष शुभ माने जाते हैं। नवरात्रि और अन्य धार्मिक अवसरों पर यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। आस्था और अनोखी परंपराओं के कारण यह मंदिर राजस्थान की प्रमुख धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान बन चुका है।


