- धीरेंद्र शास्त्री की टिप्पणी पर बढ़ा विवाद
- कालीघाट में मछली का भोग ग्रहण किया
- अधिकारी बोले- निजी राय मानना जरूरी नहीं
कोलकाता। दुर्गा पूजा के दौरान मांसाहारी भोजन को लेकर बागेश्वर धाम के पुजारी धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की टिप्पणी के बीच पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कालीघाट काली मंदिर में मछली का भोग ग्रहण कर जवाब दिया। कौशिकी अमावस्या पर मंदिर पहुंचे अधिकारी ने पूजा-अर्चना के बाद फर्श पर बैठकर मछली का मूरा, तली हुई मछली और बसंती पुलाव का भोग खाया। इसका वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं।
अधिकारी ने कहा कि शास्त्री ने अपनी निजी राय व्यक्त की है और किसी पर इसे थोप नहीं रहे। लोग उनकी बात मानने या न मानने के लिए स्वतंत्र हैं। उन्होंने कहा कि वह सनातनी हिंदू हैं और महाअष्टमी तथा कार्तिक महीने में सात्विक भोजन करते हैं, लेकिन कालीघाट की परंपरा के अनुसार चढ़ाए जाने वाले मछली-मांस के भोग को भी ग्रहण करते हैं।
शास्त्री ने हाल में बंगाली लोगों से दुर्गा पूजा के दौरान मछली और मांस न खाने की अपील की थी और इसे न मानने वालों को पाखंडी कहा था। इस पर राजनीतिक विवाद शुरू हो गया। वहीं, अधिकारी ने भवानीपुर थाने के बाहर शास्त्री की तस्वीर जलाने वालों को गिरफ्तार करने का निर्देश दिया। कांग्रेस ने अधिकारी के रुख पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि वे बंगालियों के खान-पान की परंपरा का अपमान करने वालों का समर्थन कर रहे हैं।


