- 20 हजार रुपये के बदले छह महीने से काम
- इलाज की मांग पर मालिक ने रोका
- प्रसव के दौरान मां-बच्चे ने दम तोड़ा
कांचीपुरम। तमिलनाडु के कांचीपुरम जिले में 44 वर्षीय महिला थेनमोजी और उसके नवजात बच्चे की प्रसव के दौरान मौत हो गई। परिवार का आरोप है कि उन्हें बंधुआ मजदूरी जैसे हालात में काम कराया जा रहा था और गर्भवती महिला को समय पर इलाज तक नहीं मिल सका।
थेन्मोजी के पति 45 वर्षीय आनंद की शिकायत के आधार पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। शिकायत के मुताबिक, आनंद, थेनमोजी, उनका 16 वर्षीय बेटा, 19 वर्षीय बेटी और दामाद करीब छह महीने से अरुमुगम नामक व्यक्ति के लिए लकड़ी काटने का काम कर रहे थे। परिवार ने कथित तौर पर 20 हजार रुपये एडवांस लिए थे, जिसे चुकाने के लिए वे काम कर रहे थे।
आनंद का आरोप है कि गर्भावस्था के दौरान उन्होंने पत्नी को अस्पताल ले जाने की अनुमति मांगी थी, लेकिन कथित तौर पर उन्हें काम पूरा करने के बाद ही जाने को कहा गया। पेट दर्द की शिकायत पर भी अस्पताल ले जाने के बजाय दर्द की दवा देने को कहा गया। एक अन्य मौके पर चावल खरीदने के लिए पैसे मांगने पर मारपीट का भी आरोप लगाया गया है।
मंगलवार को परिवार के अन्य सदस्य काम पर चले गए, जबकि अंतिम चरण की गर्भावस्था में होने के कारण थेनमोजी वहीं रुक गईं। दोपहर बाद उनकी तबीयत बिगड़ी और करीब आधे घंटे बाद उन्हें तेज प्रसव पीड़ा होने लगी। वह बेहोश हो गईं और कुछ ही देर में उनकी सांसें थम गईं।
आनंद के अनुसार, उन्होंने अरुमुगम से कई बार संपर्क करने की कोशिश की। बाद में एंबुलेंस बुलाई गई, लेकिन उसके पहुंचने तक थेनमोजी की मौत हो चुकी थी। बताया गया कि बच्चे का प्रसव आंशिक रूप से हो चुका था और नवजात की भी मौत हो गई।
घटना के बाद आनंद ने पड़ोसी इलाके के ग्रामीणों से मदद मांगी, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने महिला के शव को पोस्टमार्टम के लिए सरकारी अस्पताल भेजा। मामले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 194 के तहत जांच शुरू की गई है। बंधुआ मजदूरी के आरोपों की जांच के लिए मामला उप-कलेक्टर को भेजा गया है। श्रम विभाग की रिपोर्ट के बाद आगे की कानूनी धाराएं तय की जाएंगी।


