- ₹68,000 न्यूनतम वेतन, भत्तों में सुधार
- पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की मांग
- पेंशन, MACP और रिकवरी में राहत
नई दिल्ली: 8वें वेतन आयोग को लेकर केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए बड़ी मांगें सामने आई हैं। चेन्नई GPO पेंशनर्स फोरम ने 7 और 8 सितंबर को चेन्नई में हुई बैठकों के दौरान आयोग के समक्ष पांच प्रमुख मांगें रखीं।
फोरम ने न्यूनतम मूल वेतन बढ़ाकर ₹68,000 करने की मांग की। इसके साथ ही छुट्टियों और भत्तों में सुधार, पे मैट्रिक्स के साथ रनिंग स्केल लागू करने तथा महिला और दिव्यांग कर्मचारियों के लिए विशेष सुविधाओं की मांग की गई।
फोरम ने पुरानी पेंशन योजना (OPS) बहाल करने की भी मांग उठाई। उसका कहना है कि OPS से सेवानिवृत्ति के बाद कर्मचारियों को निश्चित और भरोसेमंद आर्थिक सुरक्षा मिलती थी।
इसके अलावा कम्यूटेड पेंशन की रिकवरी में राहत, MACP योजना में सुधार और लंबे समय से सेवा दे रहे कर्मचारियों को बेहतर वित्तीय लाभ देने की मांग की गई। पेंशन और पारिवारिक पेंशन में सीधी बढ़ोतरी की मांग भी रखी गई, ताकि महंगाई और बढ़ते चिकित्सा खर्च से राहत मिल सके।
8वां वेतन आयोग न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में काम कर रहा है और उसे अपनी सिफारिशें व अंतिम रिपोर्ट तैयार करने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है। चेन्नई के बाद आयोग की अगली बैठकें 16, 17 और 18 सितंबर को चंडीगढ़ में प्रस्तावित हैं। वेतन और पेंशन में अंतिम बदलाव केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद ही लागू होंगे।


