- भारत हमेशा रहा श्रीलंका का पहला मददगार
- दोनों देशों के रिश्ते लगातार हो रहे मजबूत
- भारत को सबसे बड़ा निर्यात गंतव्य बनाना चाहता श्रीलंका
कोलंबो, 9 सितंबर: श्रीलंका के विपक्ष के नेता सजित प्रेमदासा ने बुधवार को संकट के समय भारत के लगातार समर्थन की सराहना की। उन्होंने भारत को श्रीलंका का “बहुत करीबी साझेदार” बताते हुए दोनों देशों के रिश्तों को “बहुत विशेष” कहा और इन्हें और मजबूत करने की जरूरत पर जोर दिया।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात के बाद प्रेमदासा ने बातचीत को “रचनात्मक और प्रगतिशील” बताया। उन्होंने कहा कि आर्थिक संकट, कोविड-19 महामारी और चक्रवात डिटवाह के दौरान भारत ने श्रीलंका की मदद में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और हमेशा “पहला मददगार” रहा।
प्रेमदासा के अनुसार, भारत-श्रीलंका सहयोग विकास सहायता, आर्थिक एवं वाणिज्यिक संबंधों, कारोबार, सरकारी सहयोग और लोगों के बीच संपर्क सहित कई क्षेत्रों में बढ़ा है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच संबंधों को संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और राजनीतिक स्वतंत्रता के सम्मान के साथ आगे बढ़ाया जाना चाहिए।
आर्थिक संबंधों पर उन्होंने कहा कि श्रीलंका भारत को अपना सबसे बड़ा निर्यात गंतव्य बनाना चाहता है और दोनों देशों के पारस्परिक हित में संतुलित मुक्त व्यापार को बढ़ावा देने का समर्थन करता है। उन्होंने भारत की विकास यात्रा की सराहना करते हुए कहा कि श्रीलंका को भारत के अनुभव से बहुत कुछ सीखना है।


