- घरेलू कीमतों में आई तेज गिरावट
- आयातित चीनी की लागत पड़ी भारी
- सरकार ने आयात बढ़ाने पर दिया जोर
नई दिल्ली। देश में चीनी की कमी की आशंकाओं के बीच केंद्र सरकार ने 10 लाख टन कच्ची चीनी के आयात को मंजूरी दी थी, लेकिन घरेलू बाजार में कीमतों में तेज गिरावट से अब यह आयात मुश्किल में पड़ता दिख रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में चीनी महंगी होने के कारण आयातित चीनी की लागत घरेलू कीमतों से अधिक हो गई है।
उद्योग सूत्रों के अनुसार, बंदरगाह आधारित रिफाइनरियों ने करीब 2.6 लाख टन कच्ची चीनी आयात करने की प्रतिबद्धता जताई है, लेकिन अब तक कुछ हजार टन ही देश में पहुंची है। घरेलू एक्स-मिल कीमतें घटकर महाराष्ट्र में करीब 45-46 रुपये और उत्तर प्रदेश में 48-50 रुपये प्रति किलोग्राम रह गई हैं।
वहीं, आयातित कच्ची चीनी को रिफाइन करने के बाद तैयार सफेद चीनी की लागत 55 रुपये प्रति किलोग्राम से अधिक बैठ रही है। ऐसे में आयातकों के लिए इसे घरेलू बाजार में प्रतिस्पर्धी कीमत पर बेचना मुश्किल हो गया है।
स्थिति को देखते हुए केंद्र सरकार ने चीनी आयातकों के साथ बैठक कर आयात बढ़ाने का आग्रह किया है। सरकार ने आयातित चीनी के लिए टैरिफ रेट कोटा (TRQ) व्यवस्था में बदलाव करते हुए कुछ रिफाइनरियों को निर्धारित कोटे के तहत घरेलू बाजार में बिक्री की अनुमति भी दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि घरेलू कीमतों में सुधार नहीं हुआ तो 10 लाख टन आयात का लक्ष्य पूरा करना चुनौतीपूर्ण रहेगा।


