- परिवार ने आठवें दिन मान ली थी मौत
- मलबे से आई रोने की हल्की आवाज
- पुलिस ने सुरक्षित बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया
नुवाकोट। नेपाल में विनाशकारी बाढ़ के बीच नुवाकोट के बेत्रावती इलाके से राहत और उम्मीद की खबर सामने आई है। यहां करीब 10 दिनों तक मलबे में दबी बुजुर्ग महिला चंडिका श्रेष्ठा को जिंदा बाहर निकाल लिया गया।
बाढ़ के तेज बहाव में चार मंजिला मकान बुरी तरह क्षतिग्रस्त होकर करीब 100 मीटर तक खिसक गया था। चंडिका इसी मलबे में फंस गई थीं। कई दिनों तक कोई जानकारी नहीं मिलने पर परिवार ने उनके बचने की उम्मीद छोड़ दी थी। यहां तक कि आठवें दिन उनकी मृत्यु के बाद की जाने वाली धार्मिक रस्में भी शुरू कर दी गई थीं।
इसी दौरान सड़क निर्माण कार्य के लिए पहुंची नेपाल पुलिस की टीम को मलबे के पास से हल्की रोने की आवाज सुनाई दी। जवानों ने तत्काल मलबा हटाने का काम शुरू किया और खिड़की तोड़कर घर के अंदर पहुंचे। काफी मशक्कत के बाद चंडिका को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
रेस्क्यू के बाद उन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। करीब 10 दिन तक मलबे में फंसे रहने के बावजूद उनका जीवित मिलना आपदा के बीच उम्मीद की बड़ी किरण माना जा रहा है। उनके परिवार के कुछ सदस्य अब भी लापता हैं।
मिति २०८३ भदौ २० गते नेपाल प्रहरी, सशस्त्र प्रहरी बल, नेपाल र नेपाली सेनाको संयुक्त टोलीले जिल्ला नुवाकोट विदुर १० वेत्रावतीबाट १ जना महिलालाई सकुशल उद्धार गरेको छ । pic.twitter.com/Zcuj4bVXOJ
— Nepal Police (@NepalPoliceHQ) September 5, 2026


