- मृत्यु प्रमाण पत्र और KYC जरूरी
- छोटी राशि पर प्रक्रिया अपेक्षाकृत आसान
- बड़ी राशि पर कानूनी दस्तावेज जरूरी
म्यूचुअल फंड निवेशक की मृत्यु के बाद यदि फोलियो में नॉमिनी दर्ज नहीं है, तो निवेश की राशि खत्म नहीं होती। ऐसी स्थिति में पैसा मृतक के कानूनी वारिसों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत मिलता है। इसके लिए संबंधित म्यूचुअल फंड हाउस या CAMS/KFintech जैसे ट्रांसफर एजेंट को मृत्यु की सूचना देकर क्लेम प्रक्रिया शुरू करनी होती है।
दावेदार को मृत्यु प्रमाण पत्र, पैन कार्ड, पता प्रमाण, बैंक खाते का विवरण, फोटो और ट्रांसमिशन फॉर्म सहित आवश्यक दस्तावेज जमा करने होते हैं। निवेश की राशि के आधार पर अतिरिक्त दस्तावेज भी मांगे जा सकते हैं। राशि अधिक होने या वारिसों के बीच विवाद की स्थिति में सक्सेशन सर्टिफिकेट, वसीयत का प्रोबेट या लेटर ऑफ एडमिनिस्ट्रेशन जैसे कानूनी दस्तावेज जरूरी हो सकते हैं।
दस्तावेजों के सत्यापन के बाद म्यूचुअल फंड इकाइयां कानूनी वारिस के नाम ट्रांसफर की जा सकती हैं या उनकी राशि बैंक खाते में दी जा सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार, भविष्य में ऐसी परेशानी से बचने के लिए निवेशकों को अपने म्यूचुअल फंड फोलियो में नॉमिनी का नाम जरूर दर्ज और समय-समय पर अपडेट करना चाहिए।


