- कोरोना में बदली जिंदगी की दिशा
- मशरूम के साथ सब्जियों की खेती
- सालाना 7.5 करोड़ रुपये का कारोबार
कोरोना महामारी के दौरान विदेश में पढ़ाई रुकने के बाद आगरा के भाई आयुष और ऋषभ गुप्ता ने भारत लौटकर खेती को अपना करियर बनाने का फैसला किया। आयुष लंदन में BBA की पढ़ाई कर रहे थे, जबकि ऋषभ दुबई में थे। वर्ष 2020 के अंत तक दोनों ने विदेश लौटने के बजाय अपना कारोबार शुरू करने का निर्णय लिया।
खेती में रुचि उन्हें परिवार से मिली। पिता और दादा पहले से कृषि में रुचि रखते थे। पिता के सहयोग से दोनों भाइयों ने अपनी बचत और लोन के जरिए आगरा में पॉलीहाउस फार्म शुरू किया। उन्हें परियोजना के लिए 40% सरकारी सब्सिडी भी मिली। शुरुआत में उन्होंने इंग्लिश खीरे की खेती की और बाद में टमाटर, आलू समेत अन्य सब्जियों का उत्पादन शुरू किया।
इसके बाद भाइयों ने मशरूम की खेती पर ध्यान केंद्रित किया। वर्ष 2022 में उन्होंने A3R Mushroom Farms और Gupta Organic Farms के जरिए बड़े स्तर पर उत्पादन शुरू किया। आज वे करीब 40 टन मशरूम और लगभग 45 टन सब्जियों का मासिक उत्पादन करते हैं। करीब दो एकड़ जमीन में मशरूम और एक एकड़ में सब्जियां उगाई जाती हैं।
दोनों भाई जैविक खेती पर जोर देते हैं और सब्जियों व मशरूम में रासायनिक उर्वरकों के इस्तेमाल से बचते हैं। उनके उत्पाद आगरा और दिल्ली में कारोबारियों के साथ सीधे ग्राहकों तक पहुंचते हैं। आयुष के मुताबिक, दोनों फार्म मिलकर सालाना करीब 7.5 करोड़ रुपये का कारोबार कर रहे हैं। मानकों पर खरे न उतरने वाले मशरूम को भी वे खाद्य प्रसंस्करण कंपनियों को बेचते हैं।


