- नए वीजा नियम पर लगी रोक
- DHS पर कानून की अनदेखी का आरोप
- छात्रों और शोधकर्ताओं को राहत
अमेरिका में पढ़ने, शोध करने, पढ़ाने और पत्रकारिता करने वाले विदेशी नागरिकों को बड़ी राहत मिली है। एक संघीय न्यायाधीश ने अमेरिकी होमलैंड सिक्योरिटी विभाग (DHS) के नए वीजा नियम को लागू होने से रोक दिया है। यह नियम विदेशी छात्रों, शोधकर्ताओं, प्रोफेसरों, शिक्षकों और पत्रकारों के अमेरिका में रहने की अवधि को सीमित करने वाला था।
अमेरिकी जिला न्यायाधीश एफ. डेनिस सेलर IV ने 14 सितंबर को आदेश जारी करते हुए कहा कि DHS ने प्रशासनिक प्रक्रिया कानून (APA) के तहत जरूरी प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया। अदालत ने मामले के अंतिम फैसले तक नए नियम के प्रभावी होने पर रोक लगा दी।
नए नियम के तहत F-1 छात्रों और J-1 एक्सचेंज विजिटर्स को आमतौर पर उनके कार्यक्रम की अवधि तक, अधिकतम चार साल के लिए प्रवेश दिया जाना था। वहीं I-वीजा वाले विदेशी पत्रकारों को असाइनमेंट पूरा करने के लिए जरूरी अवधि, अधिकतम 240 दिनों तक रहने की अनुमति मिलती। चीनी मीडिया प्रतिनिधियों के लिए यह सीमा 90 दिन प्रस्तावित थी।
न्यायाधीश ने कहा कि नए सिस्टम से अमेरिका में विदेशी छात्रों, शोधकर्ताओं, प्रोफेसरों और पत्रकारों की संख्या में बड़ी कमी आ सकती है। अदालत ने यह भी चेतावनी दी कि इससे अमेरिकी उच्च शिक्षा व्यवस्था और अर्थव्यवस्था को गंभीर नुकसान हो सकता है।
DHS ने इस बदलाव को मौजूदा “duration of status” व्यवस्था को खत्म करने का कदम बताया था। नए नियम के तहत निर्धारित अवधि से अधिक रुकने वाले छात्रों को USCIS के पास औपचारिक एक्सटेंशन आवेदन देना पड़ता।
प्रस्तावित नियम में अंग्रेजी भाषा कार्यक्रमों में F-1 छात्रों के लिए कुल 24 महीने की सीमा, पोस्ट-स्टडी ग्रेस पीरियड को 60 से घटाकर 30 दिन करना और छात्रों के लिए संस्थान या पढ़ाई बदलने पर अतिरिक्त पाबंदियां भी शामिल थीं।


