- नई दिल्ली में पहली बार INNOPROM.India
- 200 से अधिक कंपनियां दिखाएंगी औद्योगिक संभावनाएं
- 2030 तक 100 अरब डॉलर व्यापार लक्ष्य
नई दिल्ली, 9 सितंबर: भारत में रूस के राजदूत डेनिस अलीपोव ने नई दिल्ली में पहली बार आयोजित हो रहे INNOPROM.India औद्योगिक मेले का स्वागत करते हुए इसे भारत-रूस आर्थिक संबंधों में अभूतपूर्व उपलब्धि बताया।
भारत मंडपम में 9 से 11 सितंबर तक आयोजित इस तीन दिवसीय प्रदर्शनी में दोनों देशों की 200 से अधिक कंपनियां हिस्सा ले रही हैं। रूस की ओर से रोस्टेक, रोसाटॉम, रोसकॉसमॉस, रुसल, ट्रांसमैशहोल्डिंग, फॉसएग्रो, Sber और रूसी एक्सपोर्ट सेंटर जैसी प्रमुख संस्थाएं शामिल हैं।
भारत की ओर से राष्ट्रीय इस्पात मंडप में SAIL, NMDC, MOIL और MECON के साथ KABIL, वेदांता, ITC तथा आंध्र प्रदेश की विशेष प्रस्तुति प्रमुख आकर्षण हैं।
अलीपोव के अनुसार, कार्यक्रम में स्थानीयकरण, संयुक्त उपक्रम, राष्ट्रीय मुद्राओं में सीमा-पार भुगतान, सीमा शुल्क प्रक्रियाओं, परिवहन गलियारों और एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग पर विशेष चर्चा होगी। इसके अलावा कृत्रिम बुद्धिमत्ता, कंप्यूटिंग, डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर, क्षेत्रीय विमानन और महत्वपूर्ण खनिजों जैसे क्षेत्रों पर भी सहयोग की संभावनाएं तलाशीं जाएंगी।
कार्यक्रम का उद्देश्य B2B और B2G बैठकों के जरिए व्यावहारिक परिणाम हासिल करना है, ताकि कंपनियां विश्वसनीय साझेदार तलाश सकें और नई औद्योगिक परियोजनाओं को आगे बढ़ा सकें। अलीपोव ने कहा कि INNOPROM.India भारत के आत्मनिर्भर भारत अभियान और रूस की तकनीकी संप्रभुता की नीतियों को एक-दूसरे के करीब लाता है।
उन्होंने बताया कि पिछले पांच वर्षों में भारत-रूस व्यापार करीब सात गुना बढ़कर 2025 में 63 अरब डॉलर से अधिक हो गया है। दोनों देशों ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 100 अरब डॉलर तक पहुंचाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है।
अलीपोव ने INNOPROM.India को भारत-रूस विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी को अगले दशक में और मजबूत करने वाला महत्वपूर्ण मंच बताया।


