- भारत-श्रीलंका रिश्ते दिल और आत्मा
- मुश्किल वक्त में भारत बनेगा प्रथम responder
- आर्थिक और रणनीतिक सहयोग होगा मजबूत
भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बुधवार को श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके से मुलाकात के दौरान दोनों देशों के मजबूत संबंधों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि भारत कठिन परिस्थितियों में श्रीलंका के साथ “कंधे से कंधा मिलाकर” खड़ा रहेगा। उन्होंने दोनों देशों के रिश्तों को “दिलों और आत्माओं का संबंध” बताया।
सिंह ने कहा कि भारत और श्रीलंका सदियों पुराने इतिहास, संस्कृति और विरासत से जुड़े “सभ्यतागत जुड़वां” हैं। उन्होंने चक्रवात ‘दितवाह’ के बाद भारत की त्वरित सहायता और ‘ऑपरेशन सागर बंधु’ का उल्लेख करते हुए कहा कि भारतीय सशस्त्र बलों और श्रीलंकाई एजेंसियों ने राहत, चिकित्सा सहायता और संपर्क बहाली में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
रक्षा मंत्री ने कहा कि श्रीलंका भारत की ‘नेबरहुड फर्स्ट’ नीति और ‘महासागर’ दृष्टिकोण में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। उन्होंने दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश बढ़ाने तथा आर्थिक एवं तकनीकी सहयोग समझौते (ETCA) पर तेजी से आगे बढ़ने की भारत की इच्छा भी जताई।
सिंह ने कहा कि भारत की विकास साझेदारी श्रीलंका की प्राथमिकताओं और जरूरतों पर आधारित तथा जन-केंद्रित है। उन्होंने विश्वास जताया कि दिसानायके के नेतृत्व और सहयोग से भारत-श्रीलंका संबंध नई ऊंचाइयों तक पहुंचेंगे।


