- खसरे से 999 मौतें, 1.66 लाख मामले
- टीकाकरण में कमी से बढ़ा संक्रमण
- खसरे और डेंगू से अस्पताल बेहाल
ढाका, 9 सितंबर: बांग्लादेश इस समय दुनिया के सबसे बड़े खसरा प्रकोप से जूझ रहा है। मार्च से अब तक खसरे से जुड़े 999 संदिग्ध और पुष्ट मौतें दर्ज की गई हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, 1.66 लाख से अधिक संदिग्ध मामले सामने आए हैं, जिनमें 19,835 संक्रमण प्रयोगशाला जांच में पुष्ट हुए हैं।
विशेषज्ञों के मुताबिक, 2024 और 2025 में नियमित टीकाकरण सेवाओं में आई बाधाओं और वैक्सीन की कमी ने बच्चों में प्रतिरोधक क्षमता का अंतर पैदा किया। राजनीतिक उथल-पुथल के दौरान टीकाकरण कार्यक्रमों के प्रभावित होने से स्थिति और गंभीर हो गई। पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चे शुरुआती चरण में कुल मामलों का करीब 80 प्रतिशत रहे।
सरकार ने अप्रैल में आपातकालीन खसरा-रूबेला टीकाकरण अभियान शुरू किया, जिसके तहत करीब 1.8 करोड़ बच्चों को लक्षित किया गया था। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, अब तक 1.97 करोड़ से अधिक बच्चों को टीका लगाया जा चुका है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि नियमित टीकाकरण और छूटे बच्चों के लिए विशेष अभियान अभी भी जरूरी हैं।
अस्पतालों पर खसरे के साथ डेंगू का भी भारी दबाव है। इस वर्ष डेंगू के 45,000 से अधिक मरीज अस्पताल में भर्ती हो चुके हैं। मंगलवार को डेंगू से नौ मौतें और 1,571 नए दाखिले दर्ज किए गए, जो इस साल के दैनिक उच्चतम आंकड़े हैं।
ढाका के शहीद सुहरावर्दी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में 1,350 मरीजों की क्षमता के बावजूद 2,350 से अधिक मरीजों का इलाज चल रहा है। खसरे के लिए उपलब्ध 60 बिस्तरों के बावजूद कई मरीजों को फर्श पर इलाज कराना पड़ रहा है। विशेषज्ञों ने संक्रमण रोकने के लिए टीकाकरण कवरेज बढ़ाने, प्रतिरोधक क्षमता की कमी दूर करने और जनजागरूकता तेज करने पर जोर दिया है।


