- माल्या ने ‘भगोड़ा’ कहे जाने पर उठाए सवाल
- भारत वापसी पर कानूनी प्रक्रिया जारी
- 14,131 करोड़ की वसूली का किया दावा
नई दिल्ली। शराब कारोबारी विजय माल्या ने खुद को ‘भगोड़ा’ कहे जाने पर एक बार फिर सवाल उठाया है। सोशल मीडिया मंच एक्स पर माल्या ने कहा कि वह भारत लौटने से भाग नहीं रहे हैं। उनका दावा है कि वह वर्ष 1992 से ब्रिटेन के स्थायी निवासी हैं और फिलहाल कानूनी कारणों से ब्रिटेन छोड़ नहीं सकते। उन्होंने भारत सरकार पर अपने साथ ‘घोर अन्याय’ करने का आरोप लगाया।
भारत में माल्या को भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम, 2018 के तहत भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया जा चुका है। अक्टूबर 2025 में सरकार ने लोकसभा में बताया था कि 15 लोगों को इस कानून के तहत भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया गया है, जिनमें विजय माल्या और नीरव मोदी भी शामिल हैं।
माल्या ने बॉम्बे हाईकोर्ट में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से दाखिल कथित हलफनामे का हवाला देते हुए दावा किया कि वर्ष 2021 तक उनसे 14,131.60 करोड़ रुपये की वसूली की जा चुकी है। उन्होंने सवाल उठाया कि इतनी बड़ी रकम की वसूली के बावजूद उन्हें बैंक धोखाधड़ी के आरोपी के रूप में क्यों पेश किया जा रहा है। माल्या ने यह भी दावा किया कि ईडी ने उनके अटैच फंड से 350 करोड़ रुपये से अधिक किंगफिशर कर्मचारियों के भुगतान के लिए जारी किए थे।
वहीं, भारत सरकार लगातार कहती रही है कि विदेशों में रह रहे वांछित आर्थिक अपराधियों को कानूनी प्रक्रिया के तहत भारत वापस लाने के प्रयास जारी हैं। फरवरी 2026 में बॉम्बे हाईकोर्ट ने भी माल्या को अदालती कार्यवाही से बचने के लिए फटकार लगाई थी और उनसे भारत लौटने के इरादे पर स्पष्ट जवाब मांगा था।


