- शादी के बाद नाम बदलने के नियम
- तलाक के बाद जरूरी होगा डिक्री
- पूरे नाम के लिए गजट अधिसूचना जरूरी
आधार कार्ड में नाम या सरनेम बदलने की जरूरत होने पर UIDAI ने अलग-अलग परिस्थितियों के लिए दस्तावेज निर्धारित किए हैं। शादी के बाद नाम बदलने के लिए विवाह प्रमाणपत्र के साथ पहचान, पते और रिश्ते का प्रमाण देना पड़ सकता है। यदि विवाह प्रमाणपत्र पर फोटो नहीं है, तो पुराने नाम वाला वैध फोटो पहचान पत्र भी देना होगा।
तलाक के बाद आधार में नाम अपडेट कराने के लिए फैमिली कोर्ट द्वारा जारी तलाक की डिक्री आवश्यक होगी। यदि डिक्री में फोटो नहीं है, तो पुराने नाम वाला फोटो पहचान पत्र भी प्रस्तुत करना पड़ सकता है।
वहीं, शादी या तलाक के बिना केवल पहला नाम या पूरा नाम बदलने के लिए गजट अधिसूचना की जरूरत होती है। गजट का इस्तेमाल नाम बदलने के लिए किया जा सकता है, लेकिन इससे पता या जन्मतिथि अपडेट नहीं की जा सकती।
नाम बदलने के लिए जरूरी दस्तावेज तैयार करने के बाद आधार केंद्र पर आवेदन किया जा सकता है। आवेदन के बाद दस्तावेजों का सत्यापन किया जाएगा और निर्धारित शुल्क लिया जाएगा। प्रक्रिया पूरी होने पर रसीद के साथ अपडेट रिक्वेस्ट नंबर (URN) मिलेगा, जिससे आवेदन की स्थिति जांची जा सकेगी।


