- जकार्ता एयरपोर्ट पर चार घंटे उड़ानें बंद
- 22,800 यात्रियों पर पड़ा विस्फोट का असर
- तीन किलोमीटर दूर रहने की प्रशासन ने दी चेतावनी
जकार्ता। इंडोनेशिया में रविवार तड़के अनाक क्राकाटोआ ज्वालामुखी में जोरदार विस्फोट हुआ। इससे राख के दो बड़े गुबार उठे, जिनमें से एक करीब 20 हजार फीट और दूसरा लगभग 50 हजार फीट की ऊंचाई तक पहुंच गया। राख फैलने के खतरे को देखते हुए जकार्ता के सोएकार्नो-हट्टा अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर सुबह 5:30 से 9:30 बजे तक उड़ान संचालन रोकना पड़ा।
विस्फोट करीब 3:53 बजे हुआ और लगभग 30 सेकंड तक जारी रहा। भूवैज्ञानिक एजेंसी के अनुसार, शुक्रवार से ज्वालामुखी में गतिविधियां बढ़ी हुई थीं। प्रशासन ने लोगों को सक्रिय क्रेटर से कम से कम तीन किलोमीटर दूर रहने की चेतावनी दी है। अभी तक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
राख के कारण रविवार को 209 उड़ानें प्रभावित हुईं और करीब 22,800 यात्रियों को परेशानी हुई। करीब 170 विमान एयरपोर्ट पर ही रुके रहे। घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में सिंगापुर, हांगकांग, सिडनी, एम्स्टर्डम, सियोल, दोहा और कुआलालंपुर की सेवाएं प्रभावित हुईं।
अनाक क्राकाटोआ जावा और सुमात्रा द्वीपों के बीच सुंडा जलडमरूमध्य में स्थित है। यह चार-स्तरीय चेतावनी प्रणाली के दूसरे सबसे ऊंचे स्तर पर है। 2018 में इसके विस्फोट से आई सुनामी में 430 से अधिक लोगों की मौत हुई थी।


