- KN नेहरू के ठिकानों पर छापे
- कार्रवाई को बताया राजनीतिक साजिश
- कानून के रास्ते लड़ने का ऐलान
तमिलनाडु में DMK नेता KN नेहरू से जुड़े ठिकानों पर DVAC की कार्रवाई को लेकर सियासी विवाद बढ़ गया है।
MK स्टालिन ने सरकार पर राजनीतिक बदले का आरोप लगाया।
स्टालिन ने कहा कि मामला फिलहाल हाईकोर्ट में विचाराधीन है और विधानसभा सत्र भी चल रहा है।
ऐसे समय में कार्रवाई को उन्होंने राजनीतिक कदम बताया। DMK प्रमुख ने आरोप लगाया कि सरकार जनता का ध्यान दूसरे मुद्दों से भटकाने की कोशिश कर रही है।उन्होंने इसे भारतीय लोकतंत्र का ‘काला पक्ष’ करार दिया।
स्टालिन ने दावा किया कि सरकार बनाने के दौरान दूसरी पार्टियों के विधायकों को इस्तीफा दिलाकर अपने साथ जोड़ा गया।
उन्होंने इसे लेकर ‘हॉर्स ट्रेडिंग’ के भी आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि KN नेहरू और DMK सरकार की ऐसी किसी भी कार्रवाई से डरने वाले नहीं हैं। पार्टी इस पूरे मामले का कानूनी तरीके से मुकाबला करेगी।
इससे पहले DVAC ने तिरुचिरापल्ली के थिल्लई नगर स्थित KN नेहरू के आवास और उनसे जुड़े परिसरों की तलाशी ली। कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में DMK कार्यकर्ता बाहर जमा हुए। पूर्व मंत्री अनबिल महेश पोय्यामोझी भी तलाशी के दौरान नेहरू के आवास पर पहुंचे। इससे इलाके में राजनीतिक गतिविधियां और तेज हो गईं।
DVAC का मामला कथित अनियमितताओं से जुड़ा है जो नेहरू के मंत्री रहते नगर प्रशासन और जल आपूर्ति विभाग में हुई थीं। मामले में ठेकों और नियुक्तियों से जुड़े आरोप लगाए गए हैं। आरोपों में करीब 888 करोड़ रुपये का कथित कैश-फॉर-जॉब घोटाला भी शामिल बताया गया है। इसके अलावा तबादलों और पोस्टिंग में अनियमितताओं के आरोप हैं।
मद्रास हाईकोर्ट के निर्देश के बाद इस मामले में FIR दर्ज की गई थी। ED ने भी कथित अनियमितताओं से जुड़ी जानकारी राज्य अधिकारियों को दी थी। हालांकि मद्रास हाईकोर्ट ने आरोपियों के खिलाफ आगे की विजिलेंस कार्रवाई और कार्यवाही पर अंतरिम रोक लगाई है। मामले में कानूनी प्रक्रिया अभी जारी है।


