ज़ेलेंस्की ने लंदन में जताया समर्थन का आभार
युक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंसकी ने सोमवार को ब्रिटिश संसद और किंग चार्ल्स तृतीय से भेंट कर यूक्रेन को मिल रहे रक्षा और मानवीय समर्थन के लिए गहरा आभार व्यक्त किया। यह दौरा ऐसे समय हुआ है जब रूस-युक्रेन युद्ध अपने तीसरे वर्ष में प्रवेश कर चुका है और पश्चिमी देशों से मिल रही सहायता युक्रेन की संप्रभुता के लिए जीवनरेखा बनी हुई है।
इस ऐतिहासिक दौरे के दौरान ज़ेलेंसकी ने एक विशेष सत्र में ब्रिटिश सांसदों को संबोधित करते हुए कहा,
“ब्रिटेन की प्रतिबद्धता ने केवल युक्रेन को नहीं, बल्कि स्वतंत्रता की भावना को भी जीवित रखा है।”
NATO सदस्यता और रक्षा खर्च पर चर्चा
ज़ेलेंसकी ने NATO सदस्यता पर ज़ोर देते हुए कहा कि युक्रेन अब केवल युद्ध लड़ने वाला देश नहीं बल्कि यूरोप की सुरक्षा ढांचे का अनिवार्य अंग बन चुका है। उन्होंने ब्रिटेन और अन्य यूरोपीय देशों से आग्रह किया कि वे रक्षा बजट को GDP का कम-से-कम 5% निर्धारित करें, ताकि सामूहिक सुरक्षा ढांचे को मजबूत किया जा सके।
ऊर्जा और प्रतिबंधों पर भी चर्चा
साझा प्रेस कांफ्रेंस में यह स्पष्ट किया गया कि दोनों देशों ने न केवल सैन्य सहयोग बल्कि ऊर्जा सुरक्षा और रूस पर आर्थिक प्रतिबंधों को भी सख्ती से जारी रखने का वचन दोहराया। यूके के प्रधानमंत्री ने कहा कि युक्रेन की रक्षा करना अब केवल एक भौगोलिक आवश्यकता नहीं, बल्कि नैतिक कर्तव्य भी है।
यह दौरा स्पष्ट संकेत देता है कि युक्रेन अब पश्चिमी सामरिक नीति का केंद्रीय हिस्सा बन रहा है। यूके की भूमिका एक नेतृत्वकर्ता राष्ट्र के रूप में और अधिक उभर कर सामने आई है। यह न केवल युक्रेन को बल प्रदान करता है, बल्कि रूस की विस्तारवादी नीतियों को भी अंतर्राष्ट्रीय मंच पर चुनौती देता है।


