तिरुवनंतपुरम, 21 जून।
केरल में राज्यपाल श्री राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर और मुख्यमंत्री श्री पिनराई विजयन के बीच तनातनी एक बार फिर सामने आई है। ताजा घटनाक्रम में राज्य के शिक्षा मंत्री वी. सिवनकुट्टी ने स्कूल पाठ्यक्रम में संविधान और राज्यशक्ति से जुड़े एक नए अध्याय को शामिल करने का ऐलान किया है।
राज्यपाल बनाम सरकार — ताज़ा भिड़ंत
हाल ही में राजभवन में आयोजित एक समारोह में शिक्षा मंत्री वी. सिवनकुट्टी ने उस वक्त आपत्ति जताई जब कार्यक्रम में “भारत माता” की तस्वीर लगाए जाने का मुद्दा सामने आया। उन्होंने इसे संवैधानिक संस्था को राजनीतिक मंच बनाने का प्रयास करार देते हुए कार्यक्रम बीच में ही छोड़ दिया। जवाब में राज्यपाल कार्यालय ने इसे “प्रोटोकॉल का उल्लंघन” बताते हुए राज्यपाल के पद और उसकी गरिमा का हवाला दिया।
शिक्षा में संविधान और राज्यशक्ति का समावेश
मंत्री वी. सिवनकुट्टी ने घोषणा की है कि स्कूल पाठ्यक्रम में एक विशेष अध्याय जोड़ा जाएगा, जिसमें राज्यपाल और मुख्यमंत्री की संवैधानिक भूमिका, सरकार और प्रशासन के अधिकार और लोकतंत्र एवं जनप्रतिनिधित्व की मूल अवधारणाएँ पढ़ाई जाएँगी।
“हमारी अगली पीढ़ी को संविधान, राज्यशक्ति और लोकतांत्रिक जिम्मेदारियों की सही समझ होनी चाहिए,” मंत्री ने कहा।
सियासत में गर्माहट
मंत्री के इस ऐलान को लेकर राज्य में राजनीतिक सरगर्मियाँ बढ़ गई हैं। विपक्ष इसे “राजनीतिक एजेंडे” का हिस्सा करार दे रहा है, तो वहीं सत्ता पक्ष का कहना है कि यह कदम छात्रों में लोकतंत्र और नागरिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूकता लाने का हिस्सा है।
राज्यपाल और मुख्यमंत्री के बीच चल रहे इस तनावपूर्ण माहौल में, यह पहल राज्य में प्रशासन और संवैधानिक संस्थाओं के बीच संबंधों और नागरिक जागरूकता को लेकर एक अहम कड़ी बन सकती है। सभी की निगाहें अब राज्य सरकार के अगले कदम और राज्यपाल की प्रतिक्रिया पर टिकेंगी।


