- ऊर्जा परियोजनाओं के लिए बड़ा वित्तीय सहयोग
- जलविद्युत परियोजनाओं पर बढ़ा सहयोग
- कनेक्टिविटी और डिजिटल भुगतान पर सहमति
विदेश मंत्री एस. जयशंकर की भूटान यात्रा के दौरान भारत और भूटान ने ऊर्जा परियोजनाओं के लिए 4,000 करोड़ रुपये की रियायती लाइन ऑफ क्रेडिट के समझौते का स्वागत किया। जयशंकर 16 से 18 सितंबर तक भूटान के आधिकारिक दौरे पर रहे।
दोनों देशों ने 1,020 मेगावाट पुनात्सांगछू-II जलविद्युत परियोजना के उद्घाटन और इसके टैरिफ प्रोटोकॉल पर हस्ताक्षर के साथ 1,200 मेगावाट पुनात्सांगछू-I परियोजना के बांध निर्माण की दोबारा शुरुआत का भी स्वागत किया। भारत की कंपनियों की भूटान की जलविद्युत परियोजनाओं में सक्रिय भागीदारी को भी अहम बताया गया।
यात्रा के दौरान 65-बेड वाले गेल्त्सुएन जेत्सुन पेमा मदर एंड चाइल्ड हॉस्पिटल, जगेनाथन ब्रिज और 500 किलोवाट लुनाना हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट समेत कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन या शुभारंभ किया गया। भारत ने भूटान को 54 इलेक्ट्रिक वाहन और 43 जर्सी गायें भी सौंपीं।
दोनों पक्षों ने गेलेफू माइंडफुलनेस सिटी, व्यापार एवं ट्रांजिट, सीमा-पार कनेक्टिविटी, डिजिटल भुगतान और अंतरिक्ष सहयोग पर भी चर्चा की। भारत ने असम के हातिसार में इमिग्रेशन चेक पोस्ट स्थापित करने की प्रतिबद्धता दोहराई, जबकि दोनों देशों ने गेलेफू-कोकराझार और समत्से-बनारहाट रेल लिंक की प्रगति का स्वागत किया।


