- फैक्ट्री में धार्मिक दबाव का आरोप
- 10 सितंबर से घर नहीं लौटा किशोर
- HRFP ने निष्पक्ष जांच की मांग की
पाकिस्तान के शेखूपुरा में 16 वर्षीय ईसाई किशोर के कथित अपहरण और जबरन धर्मांतरण का मामला सामने आया है। मानवाधिकार संगठन Human Rights Focus Pakistan (HRFP) ने आरोपों पर चिंता जताते हुए किशोर की सुरक्षित घर वापसी और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
HRFP के अनुसार, किशोर करीब तीन महीने से एक स्थानीय फैक्ट्री में कथित धार्मिक दबाव का सामना कर रहा था। संगठन का दावा है कि परिवार के मुताबिक उस पर इस्लाम धर्म की प्रार्थनाएं करने का दबाव डाला गया और उसका नाम भी कथित तौर पर बदल दिया गया। परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि फैक्ट्री छोड़ने की कोशिश पर उसे और उसके परिवार को धमकियां दी गईं।
संगठन के मुताबिक किशोर 10 सितंबर को काम पर जाने के बाद घर नहीं लौटा। परिवार ने पुलिस से संपर्क किया और बाद में 13 सितंबर को FIR दर्ज की गई, जिसमें उसके संभावित अपहरण का उल्लेख किया गया। HRFP का दावा है कि परिवार ने फैक्ट्री के कर्मचारियों और प्रबंधन पर आरोप लगाए थे, जबकि शिकायत में कथित तौर पर अज्ञात लोगों द्वारा अपहरण का उल्लेख किया गया।
HRFP के अध्यक्ष नावेद वाल्टर ने अधिकारियों से किशोर के अधिकारों की रक्षा करने और यह निर्धारित करने के लिए कानूनी प्रक्रिया के तहत जांच करने की अपील की कि क्या उस पर धमकी, दबाव, अपहरण या जबरन धर्मांतरण किया गया। उन्होंने नाबालिग को परिवार से संपर्क और सुरक्षित वापसी से अवैध रूप से रोकने की स्थिति में तत्काल कार्रवाई की भी मांग की।


