- गांवों में बाघ का आतंक
- पशुओं पर लगातार हमले
- निगरानी बढ़ाने की मांग
महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले के धनौरा तालुका में बाघ की लगातार मौजूदगी से ग्रामीणों में डर का माहौल है।
पेंढरी, गट्टा और जारावंडी समेत आसपास के गांवों में बाघ के बार-बार दिखने की खबरें सामने आई हैं।
ग्रामीणों के मुताबिक, बाघ कई मवेशियों को अपना शिकार बना चुका है।
बाघ की गतिविधियां आबादी वाले इलाकों के करीब बढ़ने से लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य वन संरक्षक जी.पी. नारवाने से मुलाकात कर तत्काल कार्रवाई की मांग की।
प्रतिनिधिमंडल ने बाघ की निगरानी के लिए विशेष टीम और प्रभावित गांवों में नियमित गश्त बढ़ाने की मांग की।
हाल के दिनों में बाघ के हमलों में इंसानों की मौत की घटनाएं भी सामने आई हैं।
2 सितंबर को जयपुर के नाहरगढ़ जैविक उद्यान में सफाई कर्मचारी महिला की बाघ के हमले में मौत हो गई।
वहीं, गढ़चिरौली के जारावंडी क्षेत्र के डोलेंडा गांव में पिछले महीने एक ग्रामीण की बाघ के हमले में जान चली गई थी।


