- आत्मविश्वास और पढ़ाई पर पड़ सकता है असर
- झूठ और गैर-जिम्मेदारी बढ़ने का खतरा
- सजा नहीं, व्यवहार की वजह समझें
बच्चों की छोटी-छोटी शरारतें सामान्य लगती हैं, लेकिन यदि वे लगातार घर और स्कूल के नियम तोड़ने लगें तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय रहते ध्यान न देने पर यह व्यवहार अनुशासनहीनता और गैर-जिम्मेदारी की आदत में बदल सकता है।
आत्मविश्वास और पढ़ाई पर असर
लगातार नियम तोड़ने, होमवर्क न करने, शिक्षकों की बात न मानने या कक्षा में दूसरों को परेशान करने से बच्चे की पढ़ाई प्रभावित हो सकती है। बार-बार डांटने से उसका आत्मविश्वास भी कमजोर पड़ सकता है। ऐसे में बच्चे को समझाने और प्रोत्साहित करने की जरूरत है।
झूठ और गैर-जिम्मेदारी बढ़ने का खतरा
सजा से बचने के लिए बच्चा झूठ बोलना, बातें छिपाना या अपनी गलती के लिए दूसरों को जिम्मेदार ठहराना सीख सकता है। लगातार मनमानी करने से उसकी सही-गलत की समझ भी प्रभावित हो सकती है और दोस्तों के साथ रिश्तों में तनाव पैदा हो सकता है।
सजा से पहले व्यवहार की वजह समझें
माता-पिता को बच्चे को डांटने या सजा देने के बजाय उसके व्यवहार की वजह समझने की कोशिश करनी चाहिए। ध्यान खींचने की इच्छा या किसी परेशानी के कारण भी ऐसा व्यवहार हो सकता है। माता-पिता स्वयं नियमों का पालन करें और प्यार व अनुशासन में संतुलन रखें, तो बच्चे में जिम्मेदारी की भावना विकसित की जा सकती है।


