सारक्की झील के किनारे पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का लिया संकल्प
हिन्द सागर प्रालोका, ज्योति भट्ट, बेंगलुरु।
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर एफटीएस युवा बैंगलोर और टीम सोशल स्पॉटलाइट ने रविवार को सारक्की झील के किनारे वृक्षारोपण अभियान आयोजित किया। यह पहल केवल पौधे लगाने तक ही सीमित नहीं रही, बल्कि बेंगलुरु में सिमटती झीलों और बिगड़ते पर्यावरणीय संतुलन की ओर नागरिकों का ध्यान आकर्षित करने का एक सशक्त कदम साबित हुई।
कभी लगभग 1000 झीलों वाला यह शहर आज महज 200 झीलों तक सिमट गया है। इस चिंता को साझा करते हुए दोनों संस्थानों ने यह संकल्प लिया है कि वे पूरे वर्ष लगाए गए पौधों की प्रत्येक 15 दिन में नियमित देखभाल करेंगे, ताकि वृक्षारोपण महज एक प्रतीकात्मक आयोजन न रह जाए, बल्कि पर्यावरण संरक्षण का दीर्घकालिक हिस्सा बने।
कार्यक्रम के संयोजक मृदुल अग्रवाल ने कहा, “अगर आज हमने प्रकृति की जिम्मेदारी नहीं ली तो कल प्रकृति के पास देने के लिए कुछ नहीं बचेगा।” उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि यह अभियान एक ठोस और सतत पहल है जो पर्यावरणीय जिम्मेदारी निभाने का मार्ग प्रशस्त करती है।
वृक्षारोपण में एफटीएस युवा बैंगलोर और टीम सोशल स्पॉटलाइट के साथ-साथ कई समर्पित स्वयंसेवक शामिल हुए, जिनमें पवन राजलीवाल, अमित सिंह, गणपत माली, दीपिका जैन, आयुष अग्रवाला, रचना डालमिया, गौरव अग्रवाल, शुभम लोहिया, मोनिका बुरड़, नकुल बुरड़, राज्यवर्धन सिंह और दिविशा अग्रवाल प्रमुख रहे। सभी ने मिलकर पौधों का रोपण किया और उनके संरक्षण का जिम्मा लिया।
आयोजन में युवाओं का उत्साह, समर्पण और टीम भावना विशेष रूप से सराहनीय रही। एफटीएस युवा बैंगलोर और टीम सोशल स्पॉटलाइट ने यह भी घोषणा की है कि यह पहल आगे भी विभिन्न स्थानों पर नियमित तौर पर जारी रहेगी, ताकि वर्तमान और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक हरित और समृद्ध पर्यावरण सुनिश्चित किया जा सके।