मध्य-पूर्व में फिर बढ़ा तनाव, हॉर्मुज़ जलडमरूग पर खतरा,तेहरान/यरूशलेम/वॉशिंगटन, मध्य-पूर्व एक बार फिर भारी तनाव की गिरफ्त में है। इज़राइल और अमेरिका ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए ईरान के कई सामरिक और परमाणु ठिकानों पर बंकर बस्टर बमों से निशाना साधा। इस हमले में फ़ोर्डो, नातंज़ और इस्फहान के परमाणु स्थलों के अलावा तेहरान की कुख्यात इविन जेल को भी गंभीर क्षति पहुंचाई गई है।
सूत्रों के अनुसार यह कार्रवाई पिछले कई सप्ताहों से जारी सुरक्षा खुफ़िया जानकारी के आधार पर की गई, जिसमें इन ठिकानों पर संभावित हथियार निर्माण की गतिविधियां चिन्हित की गई थीं।
हमले का उद्देश्य और दायरा
फ़ोर्डो और नातंज़: ये स्थल ईरान के अत्यधिक संवेदनशील यूरेनियम संवर्धन संयंत्र माने जाते हैं। यहां अत्याधुनिक सेंट्रीफ्यूज मशीनों की तैनाती की सूचना थी।

इस्फहान: इस क्षेत्र में एक बड़ा मिसाइल उत्पादन केंद्र और रॉकेट ईंधन संयंत्र मौजूद है।
इविन जेल: राजनीतिक कैदियों के लिए कुख्यात, जहां कथित रूप से सैन्य वैज्ञानिक और विरोधी नेता कैद थे।
इज़राइली सेना और अमेरिका रक्षा विभाग ने संयुक्त प्रेस वक्तव्य में कहा कि इस कार्रवाई का उद्देश्य “क्षेत्रीय स्थिरता के लिए खतरनाक गतिविधियों को रोकना” और “ईरानी शासन को सख़्त संदेश देना” है।
ईरानी प्रतिक्रिया: जवाबी हमलों की चेतावनी
ईरान ने हमले के तुरंत बाद चेतावनी दी कि वह इस “आक्रामक कार्रवाई” का करारा जवाब देगा। तेहरान से कई मिसाइलें और ड्रोन कथित रूप से इज़राइली सीमा की ओर प्रक्षिप्त किए गए हैं।
रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने कहा कि “यह केवल शुरुआत है। हमारे जवाब से पूरा इलाका कांप उठेगा।”
कतर का वायुमार्ग बंद, वैश्विक तेल आपूर्ति पर खतरा
इस घटना के बाद क़तर ने अपने हवाई क्षेत्र को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है। इसका सीधा असर खाड़ी क्षेत्र में हवाई यातायात और तेल आपूर्ति श्रृंखला पर पड़ा है।
विशेष चिंता हॉर्मुज़ जलडमरूग को लेकर है – जहां से दुनिया का लगभग 20% कच्चा तेल गुजरता है। ईरान ने संकेत दिया है कि यदि हमला जारी रहा तो वह इस जलमार्ग को “अस्थायी रूप से सील” कर सकता है, जो वैश्विक ऊर्जा बाज़ार के लिए एक बड़ा संकट उत्पन्न करेगा।
अंतर्राष्ट्रीय प्रतिक्रियाएं और चिंताएं
संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने दोनों पक्षों से संयम बरतने और कूटनीतिक समाधान खोजने की अपील की है। यूरोपीय संघ, भारत, और चीन ने इस संघर्ष पर चिंता जताते हुए तेल आपूर्ति की स्थिरता की रक्षा करने का आह्वान किया है। विश्व बाज़ारों में कच्चे तेल के दाम में लगभग 6% की तेजी आई है और कई एशियाई बाजारों में गिरावट दर्ज की गई।
यह हमला केवल एक सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि भू राजनीतिक संतुलन की एक गंभीर परीक्षा बन गया है। जिस तरह से इज़राइल और अमेरिका ने परमाणु और सामरिक ठिकानों पर निशाना साधा है, उससे यह स्पष्ट होता है कि अब मध्य-पूर्व की शांति किसी भी क्षण विस्फोटक मोड़ पर जा सकती है। विश्व को चाहिए कि वह इस समय संयम और संवाद को प्राथमिकता दे — वरना यह क्षेत्रीय तनाव एक वैश्विक संकट में बदल सकता है।


