भारत की आर्थिक ताकत और वैश्विक भूमिका का किया रेखांकन
हिन्द सागर प्रलोका, विशेष संवाददाता,बेंगलुरू, 23 जून। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को दो दिवसीय ऐतिहासिक दौरे पर साइप्रस पहुंचे, जहां लार्नाका इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलिडेस ने गर्मजोशी से उनका स्वागत किया। यह दौरा बेहद अहम है, क्योंकि बीते दो दशकों में यह पहला मौका है जब कोई भारतीय प्रधानमंत्री साइप्रस आया है।
प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को एक नए स्तर तक ले जाने का हिस्सा है। दौरे के दौरान व्यापार, निवेश, तकनीक, डिजिटल विकास और सांस्कृतिक आदान-प्रदान जैसे मुद्दों को लेकर दोनों नेताओं में गहन संवाद हुआ।
समारोह में अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की तकनीकी क्षमताओं और आर्थिक मजबूती को रेखांकित किया। उन्होंने कहा, “भारत में आज 50 प्रतिशत से अधिक लेनदेन डिजिटल माध्यम से होता है, जो हमारी तकनीकी क्षमताओं और पारदर्शिता का प्रमाण है। साथ ही भारत में प्रतिवर्ष 100 अरब डॉलर का निवेश हो रहा है, जो विश्व के लिए एक विशाल बाजार और विश्वास का संकेत है।”
प्रधानमंत्री ने यह भी जोड़ा कि भारत आज स्टार्टअप, नवाचार, ऊर्जा, अंतरिक्ष, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में विश्व का नेतृत्व कर रहा है, और साइप्रस जैसे मित्र देशों के साथ सहयोग से इन क्षेत्रों में और मजबूती मिलेगी।
दौरे में दोनों नेताओं के बीच व्यापार, निवेश, रक्षा सहयोग और सांस्कृतिक आदान-प्रदान जैसे मुद्दों पर व्यापक सहमति बनने की संभावना है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह दौरा यूरोपीय संघ में भारत की भूमिका को सुदृढ़ करने और ‘एक्ट वेस्ट’ नीति को आगे बढ़ाने में सहायक होगा, जिसमें पश्चिमी देशों के साथ राजनीतिक, आर्थिक और सामरिक साझेदारी को प्राथमिकता दी जाती है।
साइप्रस में भारतीय समुदाय से संवाद करने का कार्यक्रम भी प्रस्तावित है। वहां रह रहे भारतीय नागरिकों में प्रधानमंत्री के दौरे को लेकर उत्साह का माहौल है।
प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा न केवल भारत-साइप्रस संबंधों को सशक्त करेगा, बल्कि डिजिटल इंडिया, आत्मनिर्भर भारत और वैश्विक निवेश में भारत की भूमिका को विश्व मंच पर और मजबूत करेगा। यह यात्रा आने वाले समय में दोनों देशों के लिए विकास और समृद्धि के नए द्वार खोलने का मार्ग प्रशस्त कर सकती है।


