गाचीबाउली जंगल कटाई विवाद: छात्रों का प्रदर्शन तेज, मीनाक्षी नटराजन ने की हस्तक्षेप की मांग
हैदराबाद, 21 जून | न्यूज़ एजेंसी
तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद के गाचीबाउली क्षेत्र में 400 एकड़ जंगल की कटाई के विरोध में हैदराबाद विश्वविद्यालय के छात्रों का धरना प्रदर्शन लगातार जारी है। छात्र सरकार से जंगल को बचाने और पर्यावरणीय हितों की रक्षा की मांग कर रहे हैं। यह विरोध अब राजनीतिक रूप लेता जा रहा है।
एआईसीसी की मीनाक्षी नटराजन का हस्तक्षेप
इस मामले में अब अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) की पार्टी मामलों की प्रभारी मीनाक्षी नटराजन ने भी हस्तक्षेप किया है। उन्होंने राज्य सरकार से आग्रह किया है कि वह छात्रों, विश्वविद्यालय प्रशासन, पर्यावरणविदों और स्थानीय नागरिकों के साथ मिलकर समुचित समाधान निकाले। उन्होंने कहा, “यह मामला सिर्फ पर्यावरण का नहीं, बल्कि शिक्षा और शोध से भी जुड़ा हुआ है।”
छात्रों और समाज का बढ़ता समर्थन
प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना है कि यह जंगल केवल हरियाली नहीं, बल्कि एक समृद्ध जैव विविधता का आधार है। इस आंदोलन को अब पर्यावरण संरक्षण समूहों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों का समर्थन भी मिलने लगा है। सोशल मीडिया पर #SaveGachibowliForest ट्रेंड कर रहा है और देशभर से छात्रों को समर्थन मिल रहा है।
राज्य सरकार का पक्ष
राज्य सरकार की ओर से अभी तक कोई ठोस बयान या समाधान सामने नहीं आया है। हालांकि, सरकार के प्रवक्ताओं का कहना है कि यह कटाई विकास परियोजनाओं के अंतर्गत की जा रही है और पर्यावरणीय नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा।
विश्वविद्यालय प्रशासन की भूमिका
हैदराबाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने अब तक कोई औपचारिक बयान जारी नहीं किया है, लेकिन सूत्रों के अनुसार छात्रों और प्रशासन के बीच संवाद की प्रक्रिया चल रही है।
क्या होगा आगे?
गाचीबाउली जंगल कटाई विवाद अब न सिर्फ छात्र आंदोलन का विषय रह गया है, बल्कि यह पर्यावरण, शिक्षा, और विकास नीति का केंद्र बिंदु बन चुका है। यदि राज्य सरकार समय रहते समाधान नहीं देती, तो यह आंदोलन और व्यापक रूप ले सकता है।


