- धान खरीद में तमिलनाडु का नया रिकॉर्ड
- किसानों को बढ़ा प्रोत्साहन, बढ़ी सरकारी खरीद
- राशन व्यवस्था के लिए बढ़ेगा चावल भंडार
चेन्नई। तमिलनाडु में 2025-26 के दौरान सरकारी एजेंसियों ने रिकॉर्ड 64.2 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद की है। यह पिछले वर्ष की 47.98 लाख मीट्रिक टन खरीद से 16.22 लाख मीट्रिक टन अधिक है। इससे राज्य के सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के लिए चावल का भंडार मजबूत हुआ है और केंद्र से अतिरिक्त चावल खरीदने पर निर्भरता घटने की उम्मीद है।
धान की खरीद तमिलनाडु नागरिक आपूर्ति निगम (टीएनसीएससी), भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) और एनसीसीएफ के माध्यम से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर की गई। राज्य में 2026-27 खरीफ विपणन सत्र की खरीद 1 सितंबर से शुरू होगी।
राज्य सरकार ने किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए धान पर मिलने वाली प्रोत्साहन राशि में भी बढ़ोतरी की है। उत्तम किस्म के धान पर प्रोत्साहन राशि 156 से बढ़ाकर 289 रुपये प्रति क्विंटल, जबकि सामान्य किस्म पर 131 से बढ़ाकर 159 रुपये की गई है। इससे किसानों को क्रमशः 2,750 और 2,600 रुपये प्रति क्विंटल तक का कुल खरीद मूल्य मिलेगा।
रिकॉर्ड खरीद से करीब 42.44 लाख मीट्रिक टन चावल मिलने का अनुमान है, जो राज्य की वार्षिक पीडीएस जरूरत 33.36 लाख मीट्रिक टन से अधिक है। अतिरिक्त चावल को भविष्य के लिए सुरक्षित रखने की योजना है। सरकार नवंबर से राशन दुकानों के जरिए बेहतर गुणवत्ता वाले चावल का वितरण बढ़ाने की भी तैयारी कर रही है।


