- इनडोर खेती से बढ़ी केसर उत्पादन की संभावनाएं
- वर्टिकल ट्रे में उगता है महंगा केसर
- तकनीक, कंद और बाजार भाव जरूरी
केसर को ‘लाल सोना’ कहा जाता है और इसकी ऊंची कीमत के कारण इसकी खेती किसानों के लिए लाभकारी विकल्प बन रही है। आधुनिक एरोपोनिक्स और नियंत्रित वातावरण वाली खेती से अब पारंपरिक ठंडे क्षेत्रों के बाहर भी केसर उत्पादन की संभावनाएं बढ़ी हैं।
इनडोर खेती में मिट्टी के बजाय कंदों को वर्टिकल ट्रे में रखा जाता है। तापमान, आर्द्रता और प्रकाश को नियंत्रित कर फूल खिलाए जाते हैं। फूलों से हाथ से लाल रेशे निकालकर उन्हें सुखाया जाता है। हालांकि, उत्पादन और मुनाफा कंदों की गुणवत्ता, तकनीक, बाजार भाव और प्रबंधन पर निर्भर करता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, इनडोर केसर खेती शुरू करने में कमरे, तापमान नियंत्रण, रोशनी, ट्रे और कंदों पर शुरुआती निवेश करना पड़ता है। अच्छी गुणवत्ता वाले कंद अगले मौसम के लिए भी उपयोग किए जा सकते हैं। किसानों को निवेश करने से पहले स्थानीय कृषि विश्वविद्यालय या बागवानी विभाग से तकनीकी सलाह और उपलब्ध सरकारी सहायता की जानकारी जरूर लेनी चाहिए।

