- 6,000 किलोमीटर सफर में बड़ी उपलब्धि
- 36 टन कार्बन उत्सर्जन में कमी
- जींद-सोनीपत मार्ग पर चल रही ट्रेन
नई दिल्ली। भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन ने करीब 6,000 किलोमीटर का सफर पूरा कर लगभग 36 टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में कमी दर्ज की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले महीने इस ट्रेन को हरी झंडी दिखाई थी। ट्रेन हरियाणा के जींद से सोनीपत के बीच संचालित हो रही है।
दस डिब्बों वाली इस ट्रेन में करीब 2,600 यात्री सफर कर सकते हैं। इसकी अधिकतम परिचालन गति 75 किलोमीटर प्रति घंटा है। हाइड्रोजन ईंधन सेल से चलने वाली ट्रेन संचालन के दौरान कार्बन उत्सर्जन नहीं करती और मुख्य रूप से जलवाष्प निकलती है।
भारतीय रेलवे के अनुसार, यह ट्रेन स्वदेशी तकनीक से तैयार की गई है। विद्युतीकरण से वंचित कठिन और विरासत वाले रेल मार्गों पर भविष्य में इसका उपयोग बढ़ाया जा सकता है। इसका किराया सामान्य डेमू ट्रेन के समान 10 से 25 रुपये रखा गया है।


