- प्लास्टिक कचरा बना प्रोटीन
- इंजीनियर यीस्ट बना पोषण
- 3D प्रिंटेड कुकीज़ तैयार
सदरन इलिनोइस यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने प्लास्टिक और कृषि कचरे को उच्च तापमान पर तोड़कर घोल बनाया। इसके बाद जेनेटिकली इंजीनियर यीस्ट को इस पर पाला गया, जिससे प्रोटीन, फैट और एसिड का निर्माण हुआ। इस पोषक मिश्रण में स्टार्च और मीठा मिलाकर एक पेस्ट तैयार किया गया।
शोधकर्ताओं ने इस पेस्ट को 3D प्रिंटर में डालकर प्रोटीन से भरपूर कुकीज़ बनाईं, जिन्हें “µBites” नाम दिया गया। इस तकनीक का मुख्य उद्देश्य दुनिया में प्लास्टिक प्रदूषण और भोजन की कमी जैसी बड़ी समस्याओं को हल करना है। हालांकि, वैज्ञानिक इनका पहला स्वाद चखने के लिए अपनी यूनिवर्सिटी की सुरक्षा मंजूरी का इंतजार कर रहे हैं।
यह तकनीक साल 2021 से नासा की ‘डीप स्पेस फूड चैलेंज’ परियोजना के तहत विकसित की जा रही है। इसका मुख्य उपयोग अंतरिक्ष यात्रियों के साथ-साथ धरती के कठिन वातावरण जैसे रेगिस्तान और ध्रुवीय इलाकों में भोजन बनाने के लिए हो सकता है। यह भविष्य में मंगल और चंद्रमा जैसे अभियानों में भी बेहद उपयोगी साबित हो सकती है।


