सरकार की छठी गारंटी: नागरिकों की प्रॉपर्टी का रिकॉर्ड होगा सुरक्षित, दिवाली पर बेंगलुरु को मिलेगा बड़ा तोहफ़ा।
उपमुख्यमंत्री एवं शहरी विकास मंत्री डी.के. शिवकुमार ने बुधवार को विधान सौधा में “B अकाउंट से A अकाउंट रूपांतरण” के लिए नई ऑनलाइन प्रणाली की शुरुआत की। उन्होंने घोषणा की कि यह ऐतिहासिक ‘A अकाउंट कैंपेन’ 1 नवंबर से 100 दिनों तक चलेगा, जिससे बेंगलुरु के करीब 15 लाख संपत्ति मालिकों को सीधा लाभ मिलेगा।
डी.के. शिवकुमार ने कहा, “यह सरकार का दिवाली तोहफ़ा है। बेंगलुरु के लोगों की ज़िंदगी में अब बड़ा बदलाव आएगा। हम ‘प्रॉपर्टी क्लीनिंग’ की शुरुआत कर रहे हैं, ताकि हर नागरिक की संपत्ति का रिकॉर्ड सुरक्षित और पारदर्शी रहे। यह हमारी सरकार की छठी गारंटी है — ‘आपकी प्रॉपर्टी, आपका हक़।’”
100 दिन में डिजिटल पारदर्शिता की नई शुरुआत: शिवकुमार ने बताया कि 2,000 वर्ग मीटर तक की प्रॉपर्टियों के लिए रूपांतरण प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होगी। नागरिक bbmp.karnataka.gov.in/BtoAKhata पर ₹500 की आवेदन शुल्क जमा कर रजिस्टर कर सकते हैं। इसके बाद कॉर्पोरेशन अधिकारी स्थल पर जाकर सर्विस देंगे।
प्रॉपर्टी मालिकों को गाइडेंस रेट का 5% शुल्क देना होगा। इसी के आधार पर प्लॉट को A अकाउंट में बदला जाएगा। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि फ्लैट्स या मल्टी-स्टोरी बिल्डिंग्स को इस योजना में शामिल नहीं किया गया है।
2,000 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्र वाली प्रॉपर्टियों के लिए CAD ड्रॉइंग और अन्य दस्तावेज़ ऑनलाइन अपलोड करने होंगे। प्रत्येक निगम में “हेल्प डेस्क” बनाए जाएंगे और बैंगलोर वन सेंटरों पर भी रजिस्ट्रेशन की सुविधा होगी।
‘बिना रिश्वत, बिना दौड़-भाग’: सिंगल-विंडो सुविधा डी.के. शिवकुमार ने कहा, “किसी भी नागरिक को एक भी रुपया रिश्वत नहीं देना होगा। आवेदन से लेकर स्वीकृति तक सब कुछ ऑनलाइन होगा। हर संपत्ति के सत्यापन के लिए अधिकारी स्थल का वीडियो और फोटो अपलोड करेंगे।”
उन्होंने बताया कि यह प्रक्रिया GBA (Greater Bengaluru Authority) के अधीन लागू होगी, जिससे सभी पाँच नगर निगमों में एक समान खाता प्रणाली लागू की जा सकेगी।
बेंगलुरु में पहली बार एकीकृत खाता प्रणाली: शिवकुमार ने कहा, “बेंगलुरु में पहली बार यूनिफॉर्म खाता सिस्टम लागू किया जा रहा है। अब सभी को एक ही तरह का ई-खाता मिलेगा। हमने प्रॉपर्टी रिकॉर्ड को डिजिटाइज़ कर सुरक्षित कर लिया है। यह कदम पिछले 50 वर्षों में नहीं उठाया गया था।”
उन्होंने बताया कि सरकार ने राजस्व भूमि पर बनी सड़कों को सरकारी घोषित करने का भी निर्णय लिया है ताकि प्लॉट बिक्री में धोखाधड़ी और फर्जी रजिस्ट्री की घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके।
केंद्र सरकार से मिली सराहना: डी.के. शिवकुमार ने बताया कि प्रॉपर्टी रिकॉर्ड के डिजिटाइज़ेशन कार्य को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने कर्नाटक के अधिकारियों को पुरस्कार प्रदान किया है। उन्होंने कहा, “देश में किसी ने ऐसा क्रांतिकारी कदम नहीं उठाया। केंद्र ने हमारे इस पारदर्शी प्रयास की सराहना की है।”
सरकार की छठी गारंटी: उपमुख्यमंत्री ने कहा कि यह कार्यक्रम राज्य सरकार की छठी गारंटी है — नागरिकों की संपत्ति का अधिकार सुनिश्चित करने के लिए। उन्होंने कहा, “हम सिर्फ़ प्लॉट को A अकाउंट में बदल रहे हैं, बिल्डिंग रेगुलराइज़ेशन इस योजना का हिस्सा नहीं है। हमारा उद्देश्य लोगों को राहत देना और बेंगलुरु को संगठित, सुरक्षित एवं आधुनिक शहर बनाना है।”