तेहरान ने किया कबूल तेहरान,/अंतरराष्ट्रीय डेस्क,ईरान ने पहली बार सार्वजनिक तौर पर कबूला है कि रविवार को अमेरिका के हवाई हमले में उसके प्रमुख परमाणु संयंत्रों को गंभीर क्षति पहुंची है। यह बयान ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कतर के अल-जज़ीरा चैनल को दिए इंटरव्यू में किया।
प्रवक्ता के अनुसार अमेरिकी बी-2 बॉम्बर विमानों ने ईरान के तीन प्रमुख परमाणु स्थलों को निशाना बनाया, हालांकि स्थानों का नाम सुरक्षा कारणों से उजागर नहीं किया गया है। प्रवक्ता ने यह भी कहा कि वर्तमान में संयंत्रों की सुरक्षा और कार्यक्रम की निरंतरता सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है।
यह हमला ऐसे समय हुआ जब ईरान और इज़रायल के बीच 12 दिनों से जारी सैन्य तनाव के बाद संघर्ष विराम के संकेत मिलने लगे थे। क्षेत्रीय जानकारों का मानना है कि अगर यह युद्धविराम टिक पाता है तो आगे शांति वार्ताओं का मार्ग खुल सकता है। हालांकि, अमेरिकी हस्तक्षेप से स्थिति अस्थिर बनी हुई है।
ईरान इस मुद्दे को संयुक्त राष्ट्र में उठाने की तैयारी कर रहा है। वहीं रूस और चीन ने अमेरिकी कार्रवाई की कड़ी आलोचना की है, जबकि यूरोपीय संघ ने ईरान से परमाणु पारदर्शिता बहाल करने की मांग की है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपात बैठक जल्द बुलाए जाने की संभावना है।
ईरान की यह स्वीकारोक्ति विश्व राजनीति में गहराई और तनाव दोनों को उजागर करती है, और यह सवाल खड़ा करती है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा कूटनीतिक समाधान ले सकेगा या फिर क्षेत्रीय अशांति का सबब बनेगा।


