- प्राकृतिक संसाधनों के दोहन पर राष्ट्रपति नाराज
- सोडा ऐश का स्थानीय प्रसंस्करण चाहते रूटो
- कंपनी ने कानूनी प्रक्रिया में सहयोग जताया
नैरोबी। कीनिया के राष्ट्रपति विलियम रूटो ने टाटा समूह की कंपनी टाटा केमिकल्स को देश छोड़ने का आदेश दिया है। रूटो का आरोप है कि कंपनी लेक मैगाडी से निकाले जा रहे प्राकृतिक संसाधन का पर्याप्त स्थानीय मूल्यवर्धन नहीं कर रही है। उनका कहना है कि सोडा ऐश को निर्यात करने के बजाय कीनिया में ही प्रसंस्कृत कर कांच और रसायन जैसे उत्पाद बनाए जाने चाहिए, जिससे देश में रोजगार और निवेश बढ़े।

टाटा केमिकल्स लेक मैगाडी स्थित संयंत्र से ट्रोना निकालकर सोडा ऐश बनाती है। कंपनी हर वर्ष करीब 3.5 लाख टन से अधिक सोडा ऐश का निर्यात करती है। इसका इस्तेमाल मुख्य रूप से कांच, डिटर्जेंट, रसायन, जल शोधन, कपड़ा और कागज उद्योग में होता है। कंपनी में करीब 500 कर्मचारी कार्यरत हैं और उसके सामुदायिक कार्यक्रमों से लगभग 30 हजार लोगों को लाभ मिलने का दावा है।
राष्ट्रपति रूटो ने काजियाडो काउंटी के दौरे के दौरान कहा कि कंपनी को लंबे समय से खनन अधिकार मिले हुए हैं, लेकिन उसने स्थानीय स्तर पर पर्याप्त कारखाने या अन्य उद्योग स्थापित नहीं किए। सरकार ने संयंत्र का काम संभालने के लिए नए निवेशकों की पहचान करने की भी बात कही है।
यह विवाद उस समय और बढ़ा, जब करीब पांच सप्ताह पहले कीनिया के खनन मंत्रालय ने टाटा केमिकल्स मगाडी को परिचालन रोकने का निर्देश दिया था। इसके पीछे रॉयल्टी भुगतान और अन्य नियामकीय शर्तों से जुड़े सवाल बताए गए थे।
टाटा केमिकल्स ने कहा है कि वह कीनिया सरकार के निर्णय का सम्मान करती है और उठाए गए मुद्दों पर अपना विस्तृत जवाब दे चुकी है। कंपनी ने कहा कि वह लंबित मामलों के समाधान के लिए कानूनी और नियामकीय प्रक्रियाओं के तहत रचनात्मक बातचीत जारी रखेगी।


