- ट्रंप ने होर्मुज का नाम बदलने की पेशकश की
- ईरान ने अमेरिकी दावों को बताया गलत
- अंतरराष्ट्रीय कानून में एकतरफा बदलाव मुश्किल
अमेरिका-ईरान युद्ध के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य का नाम बदलकर ‘ट्रंप स्ट्रेट’ करने की पेशकश की है। ट्रंप ने 2 सितंबर को सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि जब यह जलमार्ग अमेरिका के नियंत्रण में है तो इसका नाम बदलने पर विचार क्यों न किया जाए।
व्हाइट हाउस का दावा है कि अमेरिकी नौसेना ने होर्मुज से ईरानी समुद्री बारूदी सुरंगें हटाने के साथ सैकड़ों व्यापारिक जहाजों को सुरक्षित रास्ता दिया है। हालांकि, ईरान इन दावों को खारिज करता है और उसका कहना है कि जलमार्ग पर अभी भी उसका प्रभाव कायम है। युद्ध के कारण इस मार्ग से तेल और गैस की आवाजाही प्रभावित हुई है।
ट्रंप इससे पहले भी भौगोलिक नामों को लेकर विवाद खड़ा कर चुके हैं। उन्होंने मैक्सिको की खाड़ी को अमेरिकी सरकारी रिकॉर्ड में ‘गल्फ ऑफ अमेरिका’ कहने का निर्देश दिया था। अगस्त 2026 में लेक ओंटारियो को अमेरिकी रिकॉर्ड में ‘लेक अमेरिका’ नाम देने का आदेश भी जारी किया गया, जिसे कनाडा ने खारिज कर दिया।
अंतरराष्ट्रीय कानून विशेषज्ञों के अनुसार, होर्मुज जैसे अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग का नाम कोई एक देश मनमाने ढंग से नहीं बदल सकता। इसके नाम लंबे समय से चले आ रहे अंतरराष्ट्रीय उपयोग, संधियों, समुद्री नेविगेशन व्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय कानून से जुड़े होते हैं।


