- सैलरी मिलते ही शॉपिंग पर लगाम लगाएं
- बिना बजट के खर्च करने से बचें
- छोटे खर्चों और क्रेडिट कार्ड पर नजर रखें
कई लोगों की सैलरी अच्छी होने के बावजूद महीने के अंत तक बैंक अकाउंट खाली हो जाता है। इसकी बड़ी वजह कम आमदनी नहीं, बल्कि पैसों का सही प्रबंधन न करना है। विशेषज्ञों के अनुसार, कुछ सामान्य आदतों में बदलाव कर बचत बढ़ाई जा सकती है।
सैलरी आते ही ऑनलाइन शॉपिंग, महंगे गैजेट या गैर-जरूरी सामान खरीदने से बचना चाहिए। महीने की शुरुआत में ज्यादा बैलेंस देखकर अनावश्यक खर्च करना बाद में आर्थिक परेशानी का कारण बन सकता है। इसी तरह बिना बजट बनाए खर्च करने से जरूरत और इच्छा के बीच अंतर करना मुश्किल हो जाता है।
चाय-कॉफी, बाहर का खाना, फूड डिलीवरी, कैब और छोटे-छोटे सब्सक्रिप्शन जैसे खर्च मामूली लगते हैं, लेकिन महीने भर में इन पर बड़ी रकम खर्च हो सकती है। क्रेडिट कार्ड का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल भी खर्च बढ़ाता है, क्योंकि भुगतान का असर तुरंत महसूस नहीं होता।
सैलरी आने के बाद बचत को महीने के अंत तक टालने के बजाय शुरुआत में ही एक निश्चित रकम अलग कर देनी चाहिए। साथ ही, मेडिकल खर्च, नौकरी संबंधी संकट या अन्य आकस्मिक जरूरतों के लिए इमरजेंसी फंड बनाना जरूरी है। सैलरी बढ़ने के साथ खर्च बढ़ाने की आदत यानी लाइफस्टाइल इन्फ्लेशन भी बचत को प्रभावित करती है। इसलिए आय बढ़ने पर बचत और निवेश को प्राथमिकता देना समझदारी है।


