- हॉल्टिंग चार्ज बना बैठक का मुख्य मुद्दा
- सभी पक्षों को साथ लाने पर सहमति
- सर्वसम्मति से समाधान का प्रयास
बेंगलुरु। कर्नाटक गुड्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन की ओर से 22 अगस्त 2026, शनिवार को आयोजित ऑल ट्रांसपोर्ट मीटिंग में हॉल्टिंग चार्ज से जुड़े मुद्दे पर व्यापक स्तर पर विचार-विमर्श किया गया। बैठक में विभिन्न ट्रांसपोर्टरों ने अपनी व्यावहारिक समस्याएं और सुझाव रखे। विस्तृत चर्चा के बाद तय किया गया कि इस विषय पर सभी ट्रांसपोर्टरों और संबंधित सहयोगी संगठनों को साथ लेकर एक व्यापक बैठक आयोजित की जाएगी, ताकि सभी पक्षों की राय के आधार पर सामूहिक और सर्वसम्मत निर्णय लिया जा सके।

– हॉल्टिंग चार्ज बना बैठक का मुख्य मुद्दा: ट्रांसपोर्टरों ने वाहनों के रुकने से जुड़ी व्यावहारिक कठिनाइयों और हॉल्टिंग चार्ज के प्रभाव पर अपने विचार साझा किए।
– सभी पक्षों को साथ लाने पर सहमति: अगली बैठक में विभिन्न ट्रांसपोर्ट संगठनों और संबंधित सहयोगी संस्थाओं को शामिल करने का निर्णय लिया गया।
– सर्वसम्मति से समाधान का प्रयास: बैठक का उद्देश्य किसी एक पक्ष का निर्णय थोपना नहीं, बल्कि सभी हितधारकों की राय के आधार पर व्यावहारिक और स्वीकार्य समाधान तलाशना है।
बैठक की अध्यक्षता केजीटीए के अध्यक्ष श्री मदन लाल अग्रवाल ने की। इसमें ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के चेयरमैन डॉ. जी. आर. शनमुगप्पा, केजीटीए के तत्काल पूर्व अध्यक्ष श्री प्रकाश पांडे, वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्री अयूब खान और मानद सचिव श्री के. के. राजकुमार सहित अनेक प्रमुख ट्रांसपोर्टर उपस्थित रहे।
बैठक में हॉल्टिंग चार्ज को केवल शुल्क से जुड़ा विषय न मानकर परिवहन व्यवसाय की व्यावहारिक चुनौतियों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दे के रूप में देखा गया। ट्रांसपोर्टरों ने अपने अनुभवों के आधार पर विभिन्न समस्याओं को सामने रखा और इस बात पर जोर दिया कि किसी भी व्यवस्था का निर्धारण करते समय परिवहन क्षेत्र की वास्तविक परिस्थितियों, वाहन परिचालन की लागत और जमीनी स्तर की दिक्कतों को ध्यान में रखा जाना चाहिए।

विचार-विमर्श के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि हॉल्टिंग चार्ज का मुद्दा अकेले किसी एक ट्रांसपोर्टर या संगठन तक सीमित नहीं है। इसका प्रभाव परिवहन संचालन से जुड़े विभिन्न पक्षों पर पड़ सकता है। ऐसे में व्यापक सहमति के बिना लिया गया कोई भी निर्णय विवाद का कारण बन सकता है। इसी वजह से बैठक में सभी संबंधित संगठनों और ट्रांसपोर्टरों को एक साझा मंच पर लाने की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया गया।
बैठक में यह भी तय किया गया कि अगली व्यापक बैठक की तिथि और स्थान संबंधित सदस्यों एवं सहयोगी संगठनों के साथ चर्चा के बाद तय किए जाएंगे। अंतिम निर्णय होने के बाद इसकी सूचना सभी संबंधित सदस्यों को समय रहते दी जाएगी।
बैठक का सबसे महत्वपूर्ण निष्कर्ष यही रहा कि ट्रांसपोर्ट क्षेत्र से जुड़े इस संवेदनशील विषय का समाधान संवाद, सहभागिता और सर्वसम्मति के आधार पर तलाशा जाए। इससे न केवल विभिन्न पक्षों के बीच मतभेद कम करने में मदद मिल सकती है, बल्कि भविष्य में हॉल्टिंग चार्ज से संबंधित व्यवस्था को अधिक व्यावहारिक और पारदर्शी बनाने का रास्ता भी खुल सकता है।
केजीटीए ने बैठक को सफल बनाने के लिए उपस्थित सभी ट्रांसपोर्टरों, पदाधिकारियों और प्रबंध समिति के सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया।


