- रूस ने ICBM परीक्षण किया
- प्लेसेत्स्क से हुआ प्रक्षेपण
- कामचटका तक पहुंचा मिसाइल
रूस ने शुक्रवार को अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) का सफल परीक्षण किया।
रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, मिसाइल को प्लेसेत्स्क कॉस्मोड्रोम से लॉन्च किया गया।
इसकी उड़ान उत्तर-पश्चिमी आर्खांगेल्स्क से कामचटका तक हुई।
परीक्षण के दौरान मिसाइल ने निर्धारित मार्ग पूरा किया।
रक्षा मंत्रालय ने कहा कि सभी तय कार्य सफलतापूर्वक पूरे हुए।
इससे मिसाइल की उड़ान क्षमता और तकनीकी प्रदर्शन की पुष्टि हुई।
मंत्रालय ने मिसाइल के प्रकार का खुलासा नहीं किया।
हालांकि, इसे मोबाइल लॉन्च होने वाली ठोस ईंधन प्रणाली बताया गया।
रणनीतिक मिसाइल बलों ने इस दौरान सैन्य अभ्यास भी किया।
अभ्यास के तहत मोबाइल ICBM लॉन्च बैटरी को दूरस्थ क्षेत्र में तैनात किया गया।
इसके बाद मिसाइल को लॉन्च करने की पूरी प्रक्रिया पूरी की गई।
रूसी सेना ने परीक्षण को सफल बताया है।
इससे पहले मई में रूस ने RS-28 सरमत ICBM का परीक्षण किया था।
सरमत को अत्याधुनिक रणनीतिक मिसाइल प्रणाली माना जाता है।
रिपोर्टों के अनुसार, यह कई भारी वारहेड ले जाने में सक्षम है।
सरमत मिसाइल को अवांगार्ड हाइपरसोनिक ग्लाइडर से भी जोड़ा जाता है।
यह ग्लाइडर तेज गति से उड़ते हुए दिशा बदल सकता है।
इस क्षमता से एयर डिफेंस को चुनौती मिल सकती है।
रणनीतिक मिसाइल बलों के कमांडर जनरल सर्गेई कराकायेव के मुताबिक,
रूस इस साल के अंत तक पहले मिसाइल रेजिमेंट को नई प्रणाली से लैस करेगा।
राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने सरमत को बेहद शक्तिशाली बताया है।
पुतिन के अनुसार, सरमत की मारक क्षमता 35,000 किलोमीटर से अधिक है।
उन्होंने दावा किया कि यह पश्चिमी मिसाइलों की तुलना में बड़ा पेलोड ले जा सकती है।
रूस का कहना है कि इसका उद्देश्य रणनीतिक संतुलन बनाए रखना है।
पुतिन ने कहा कि अमेरिका के ABM संधि से हटने के बाद परिस्थितियां बदलीं।
इसके बाद रूस ने अपनी रणनीतिक सुरक्षा मजबूत करने पर जोर दिया।
मॉस्को के मुताबिक, मिसाइल विकास का लक्ष्य शक्ति संतुलन बनाए रखना है।

